किसी के चेहरे पर ​दिखा राजस्थान जाने का सुकून, तो किसी ने हावड़ा आकर जाहिर की खुशी

शालीमार से बीकानेर के लिए रवाना हुई राज्य की पहली श्रमिक स्पेशल, मुम्बई-हावड़ा पहली श्रमिक स्पेशल बांद्रा से हावड़ा पहुंची

सन्मार्ग संवाददाता,हावड़ा : केंद्र सरकार की पहल से रेलवे की ओर से लगातार श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल चलाये जा रहे हैं। ऐसे में प्रवासियों मजदूर को उनकेघर लाने के लिए यह स्पेशल ट्रेन अब कारगार साबित हो रहे हैं। वहीं राज्य से पहली बार शालीमार स्टेशन से बीकानेर के लिए रवाना हुई। यह ट्रेन शालीमार स्टेशन से दोपहर 2.30 बजे रवाना हुई। इसमें करीब 1600 लोग मौजूद थे। यह ट्रेन शालीमार से रवाना होकर बर्दवान, धनवाद, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन,जयपुर होते हुए बीकानेर पहुंचेगी। इधर रविवार की शाम 4 बजे मुम्बई से पहली श्रमिक ट्रेन हावड़ा स्टेशन पहुंची। जो कि हावड़ा के न्यू काम्प्लेक्स के प्लेटफार्म 21 पर पहुंची थी। इसमें करीब 1492 यात्री मौजूद थे। इस दौरान दोनों ही रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे।
घर जाने की थी राहत
इसके लिए सभी को डेढ़ घंटे पहले आने की सलाह दी गयी थी। स्टेशन पर पहुंचने से पहले दक्षिण पूर्व रेलवे की ओर से सभी इंतेजाम थे। वहीं आरपीएफ की ओर से सुरक्षा कड़ी थी। स्टेशन पर पहुंचनेवाले या​त्रियों के चेहरे पर अजीब सा सुकून था। स्टेशन पहुंचते यात्रियों को पहले वहां मौजूद मेडिकल टीम ने उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की। इसके बाद आरपीएफ के जरिये उन्हें एक लाइन लगातार स्टेशन पर चढ़ाया गया। इसके पहले यात्रियों ने कहा कि वे अपने घर जाकर बहुत ही खुश होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे दिन कभी दोबारा न लौटे।
हालांकि अब भविष्य को लेकर चिंता जरूर है लेकिन इसबात की राहत है कि वे जल्द से जल्द अपने घर पहुंच जायेंगे। कुछ यात्रियों ने कहा कि साधन न होने के कारण वे देर रात ही घर से निकल पड़े ताकि वे तय समय पर शालीमार स्टेशन पहुंच सके। इसके साथ ही उन लोगों ने रेलवे को भी धन्यवाद दिया। वहीं दपूरे की ओर से ट्रेन में उनके लिए पीने के पानी की व्यवस्था की गयी थी।
सभी यात्री उत्साहित थे
वहीं मुम्बई हावड़ा जो कि मुम्बई से पहली श्रमिक स्पेशल थी जो कि हावड़ा स्टेशन पहुंची। स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही सभी यात्री उत्साहित नजर आये। सभी के चेहरे में खुशी की लहर थी। वहां मौजूद आरपीएफ द्वारा सभी मजदूरों को आरपीएफ की और से सोशल डिस्टेंसिंग मैंटेन कर उतारा गया। इसके बाद उन्हें सैनिटाइज कर उनकी थर्मल स्क्रनिंग की। उन्हें आरपीएफ की मदद से ही स्टेशन के गेट तक छोड़ा गया। इस दौरान यहां पहुंचे श्रमिकों ने कहा कि वे वापस घर पहुंचकर बहुत ही खुश है। उन्होंने रेलवे को इसके लिए धन्यवाद दिया। श्रमिकों ने कहा कि मुम्बई में काम न होने के कारण वह वहीं फंस गये थे। केवल एक टाइम खाना खाकर ही अपना समय पास कर रहे थे। इसके साथ उक्त श्रमिकों के लिए उनके गंतव्य तक जाने के लिए राज्य सरकार की ओर से बसों का इंतजाम किया। सभी ने घर आने की खुशी जाहिर की।

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