किसान आंदोलन: प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पथराव किया

– पुलिस ने वॉटर कैनन चलाई, आंसू गैस के गोले दागे

नई दिल्लीः कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली की ओर कूच कर रहे किसानों का विरोध प्रदर्शन अब उग्र हो गया है। पंजाब के शंभू बॉर्डर की तरफ से दिल्ली जा रहे किसान प्रदर्शनकारियों ने जहां पुलिस बैरिकेड उठाकर नदी में फेंक दिए, वहीं सड़क पर लगे डिवाइडरों को भी नुकसान पहुंचाया और पुलिस कर्मियों पर पथराव भी किया। प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस अंबाला के पास शंभू बॉर्डर पर वाटर कैनन का भी इस्तेमाल कर रही है, लेकिन किसान काबू में आते नहीं दिख रहे हैं। हरियाणा में किसानों के ‘दिल्ली चलो’ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली-जम्मू हाइवे पर भारी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं और स्थिति पर नजर रखने के लिए पुलिस ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल कर रही है। पुलिस ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ाई है। गौरतलब है कि नए कृषि बिल के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसान पिछले दो महीनों से सड़कों पर हैं।

हिरासत में योगेंद्र यादव

किसानों का प्रदर्शन कई जगह आक्रामक हो रहा है। गुरुग्राम में प्रदर्शन कर रहे योगेंद्र यादव और अन्य किसानों को हिरासत में लिया गया है। बिलासपुर थानाक्षेत्र में ट्रैक्टर पर सवार होकर योगेंद्र यादव दिल्ली की ओर जाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

एक लाख किसानों के जुटने का दावा
कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब के सैकड़ों किसान हरियाणा सीमा में प्रवेश कर गए हैं। हरियाणा सरकार ने पंजाब बॉर्डर सील कर दिया है। किसान संगठन का दावा है कि गुरुवार को यहां सीमा पर 1 लाख से ज्यादा किसान जुटेंगे। इधर,  चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर 15 किमी लंबा जाम लग गया। अम्बाला हाईवे पर इकट्ठा हुए राज्य के किसानों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने उन पर पानी की बौछार भी की। यहां गुस्साए किसानों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए। यहां एहतियातन धारा 144 लगा दी गई है और 100 से ज्यादा किसान नेता हिरासत में लिए गए हैं।

किसान बोले- रोका तो दिल्ली जाने वाली सड़कें जाम कर देंगे
हरियाणा सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि किसान आंदोलन जारी रहने तक राज्य की रोडवेज की कोई बस पंजाब नहीं जाएगी। साथ ही सभी डिपो को 5-5 अतिरिक्त बसें रखने को कहा गया है। अम्बाला के मोहड़ा में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में प्रदेश के कई जिलों के किसान इकट्ठा हुए थे। उन्होंने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।

इस दौरान किसानों और पुलिस वालों में झड़प भी हुई। किसानों ने बैरिकेड भी तोड़ दिए। इसके चलते हरियाणा पुलिस को किसानों को रोकने को लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं, दिल्ली पुलिस कह चुकी है कि अगर कोरोना के बीच प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली आते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर किसानों ने कहा है कि उन्हें रोका गया, तो दिल्ली जाने वाली सभी सड़कें जाम कर देंगे।

नेशनल हाईवे-52 सील

हरियाणा सरकार ने जींद से लगे नेशनल हाईवे-52 को सील कर दिया है। सड़क पर 5 फुट ऊंचे पत्थर और कंटीले तार से बैरिकेडिंग की गई है। हरियाणा के डीआईजी ओपी नरवाल बताया कि पंजाब-हरियाणा को जोड़ने वाले सभी 8 रास्तों को सील कर दिया गया है। 2 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। किसी भी हालात में किसानों को हरियाणा में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा।

शेयर करें

मुख्य समाचार

tmc

बौखला उठे हैं भाजपा प्रवक्ता, मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं

तृणमूल को बांग्लादेशी पार्टी कहा, प्रवक्ता को बंगलादेशी सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : जैसे - जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहा है वैसे - वैसे भाजपा में बौखलाहट आगे पढ़ें »

मुख्यमंत्री के साथ हुए व्यवहार पर नरेंद्र मोदी ने एक शब्द नहीं कहा – तृणमूल

पीएम के रवैये पर तृणमूल ने जताया खेद सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता आगे पढ़ें »

ऊपर