किसानों की आत्महत्या की घटनाओं में कमी आई : राधामोहन सिंह

राधामोहन सिंह

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के सन् 2016 तक के आंकड़ों के हवाले से किसानों की आत्महत्या के मामलों में कमी आने का दावा किया है।
कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि वर्ष 2016 में किसानों और कृषि श्रमिकों द्वारा की गयी आत्महत्याओं की संख्या घटकर 11,370 रह गयी है। उससे पिछले साल में यह संख्या 12,602 थी।

कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि इस प्रकार आत्महत्याओं में 9.77 प्रतिशत की कमी आयी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनसीआरबी ने आत्महत्याओं से जुड़े वर्ष 2016 तक के आंकड़े मंत्रालय को उपलब्ध कराये हैं। महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या के आंकड़े बताते हुए राधामोहन ने कहा कि राज्य में सन् 2015 में 4291 किसानों और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की थी, जबकि सन् 2016 में यह संख्या 3661 रह गयी, जो 14.38 प्रतिशत कम थी। आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ भी किसानों की आत्महत्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। सन् 2015 में कर्नाटक में 1569, तेलंगाना में 1400 और छत्तीसगढ़ में 954 किसानों एवं खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की। सन् 2016 में कर्नाटक में यह संख्या बढ़कर 2079 हो गयी, जबकि तेलंगाना में घटकर 645 तथा छत्तीसगढ़ में 682 रह गयी। एनसीआरबी की रिपेार्ट के अनुसार आत्महत्याओं की वजहों में दिवालियापन अथवा ऋणग्रस्तता, खेती से संबंधित मुद्दे, पारिवारिक समस्याएं और बीमारी आदि शामिल हैं।

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