कावेरी विवाद को सुलझाने के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्लीः कावेरी जल विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह एक हलफनामा दाखिल करके बताए कि उसने कावेरी विवाद को निपटाने के लिए क्या कदम उठाए हैं। केंद्र ने प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों के कर्नाटक में चुनाव प्रचार में व्यस्त रहने के आधार पर कावेरी जल बंटवारे के फैसले पर बोर्ड गठित करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 8 मई को रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिया था। विलंब के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है और इस विषय पर केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

विधेयक को नहीं मिली मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रख रहे अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कावेरी नदी के जल बंटवारे से संबंधित विधेयक कैबिनेट के समक्ष रखा जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्रा के बाद फिलहाल कर्नाटक चुनाव में व्यस्त हैं, इस वजह से अभी तक विधेयक को मंजूरी नहीं मिल पाई है। बता दें कि इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कावेरी नदी के पानी के बंटवारे के लिए एक मैनेजमेंट बोर्ड का गठन करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि नदी के पानी पर किसी भी राज्य का मालिकाना हक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार तमिलनाडु को जो पानी मिलना था, उसमें कटौती की और बेंगलुरू की जरूरतों का ध्यान रखते हुए कर्नाटक को मिलने वाले पानी की मात्रा में 14.75 टीएमसी फीट का इजाफा किया था।

 

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