ले लिया बदलाः भारत ने पाकिस्तान पर 21 मिनट में बरसाए 1000 किलो बम

नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए देश के सबसे बड़े आत्मघाती हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार तड़के 3.30 बजे मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर हमला किया। वायुसेना के 12 मिराज विमानों ने 1000 किलो बम बरसाए। इस एयर स्ट्राइक में कई आतंकी कैंप तबाह हुए हैं। इस हमले में 300 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की खबर है। वहीं सबसे बड़ी बात तो यह है कि सभी सुरक्षाबल कार्यवाही को अंजाम देकर सुरक्षित लौट आये है। भारतीय वायुसेना ने हमले का दावा किया है। इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी है। 21 मिनट तक एयरफोर्स की ये सर्जिकल स्ट्राइक चली, इसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैएबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन के कैंप तबाह हुए हैं। वायुसेना ने उड़ा दिया जैश का मुख्यालय अल्फा-3
वायुसेना सूत्रों ने कहा- बालाकोट, चकोटी, मुजफ्फराबाद में जैश के ठिकाने तबाह कर दिए गए। जैश का कंट्रोल रूम अल्फा-3 उड़ा दिया गया। बालाकोट पाकिस्तान के प्रांत खैबर पख्तूनख्वाह में स्थित है। हमले वाली जगह एलओसी से करीब 50 किलोमीटर दूर है।
पाकिस्तान मेजर नेे खुद दी जानकारी
मजेदार बात यह है कि हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से खुद इसकी जानकारी दी गई। पाकिस्तान इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक आसिफ गफूर ने सुबह ट्वीट किया। गफूर ने लिखा कि भारतीय वायु सेना ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया। पाकिस्तान वायु सेना ने तुरंत कार्रवाई की। भारतीय विमान वापस चले गए। वहीं रेडियो पाकिस्तान ने दावा किया कि वायुसेना के विमानों ने लौटने से पहले जल्दबाजी में विमान में रखे बम गिरा दिए जो खैबर पख्तूनख्वा में बालाकोट के पास गिरे हैं। बता दें कि पाकिस्तान की ओर से बीते कुछ दिनों से लगातार राजौरी और पुंछ जिलों में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा था। वहीं भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
खुफिया एजेंसियों ने मुहैया कराई आतंकी लोकेशन
भारतीय वायुसेना के हवाई हमले के बाद पाक विदेश मंत्रालय ने आपात बैठक बुलाई है। वायुसेना सूत्रों ने बताया कि पाक के एफ-16 विमानों ने जवाबी कार्रवाई की लेकिन मिराज-2000 लड़ाकू विमान की फॉर्मेशन को देखकर वापस लौट गए। पश्चिमी एयर कमांड ने ऑपरेशन का को आर्डिनेशन किया। मिराज ने पाक के प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में एक ठिकाने को तबाह किया। खुफिया एजेंसियों ने इसकी लोकेशन मुहैया कराई थी। बता दें कि 14 फरवरी को हुए पुलवामा फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी।
भारत ने सितंबर 2016 में की थी पहली सर्जिकल स्ट्राइक
भारतीय जवानों ने उड़ी हमले के बाद 28-29 सितंबर 2016 की रात पीओके में घुसकर आतंकियों के लॉन्चिंग पैड तबाह किए थे। ऑपरेशन इतना सीक्रेट था कि उसकी जानकारी सिर्फ 7 लोगों को थी। उस ऑपरेशन का हिस्सा रहे लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र रामराव निंभोरकर ने एक कार्यक्रम में बताया था कि ऑपरेशन सिर्फ 2 घंटे में पूरा हुआ था। भारतीय सेना तड़के 3.30 बजे लक्ष्य पर पहुंच गई थी और ऑपरेशन खत्म कर करीब साढ़े पांच बजे बेस कैंप में लौट आई थी। कार्रवाई में करीब 38-40 आतंकी मारे गए थे। उस वक्त पीओके में 42 आतंकी कैंप एक्टिव थे। जिस इलाके में स्ट्राइक हुई, वहां 11-12 कैंप थे।

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