आज भी पिछड़े हैं ग्रामीण इलाके : नायडू

सोच बदलने से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा 
नयी दिल्लीः न्यू इंडिया कॉनक्लेव का उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने सोमवार को कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी हम महात्मा गांधी के सपनों को साकार करने में नाकाम रहे। शहरों में असमान और एकतरफा विकास के कारण ग्रामीण क्षेत्र पिछड़े रह गये। हमें शहर और गांव के बीच की इस खाई को पाटना होगा। ग्रामीण आबादी को संपन्न बनाने में कृषि की अहम भूमिका है इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनाने की जरूरत है।
इस सम्मेलन के आयोजन पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं के नवोन्मेषी विचारों पर विचार मंथन का मौका मिलेगा और यह कवायद ग्रामीण लोगों के जीवन में बदलाव और आर्थिक समृद्धि की वाहक बनेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के युवा ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकते हैं, जो लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हुए राष्ट्रीय नायकों के सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

महिला सशक्तिकरण पर नीति आयोग और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सोच बदलने से महिलाओं के प्रति सकारात्मक रवैये को बढ़ावा मिल सकेगा। महिलाओं में शिक्षा का स्तर बढ़ने से बाल एवं शिशु मृत्यु दर में गिरावट आने के साथ परिवार के बेहतर स्वास्थ्य पर भी इसका असर दिख रहा है। सभी क्षेत्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी का शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के मामलों में सकारात्मक असर होता है।

शेयर करें

मुख्य समाचार

सन्मय बंद्योपाध्याय ने जेल से रिहा होते ही बताया जान को खतरा

कहा राज्य में चल रहा जंगल राज संवाददाताओं से बातचीत के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे सन्मार्ग संवाददाता पुरुलिया : सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट किये जाने के कथित आगे पढ़ें »

दीपावली पर ड्रोन से नजर रखेगा पीसीबी ऊंची इमारतों पर

प्रतिबंधित पटाखे जलाने पर आवासन के अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई वसूला जाएगा 5 हजार से लाख रुपए तक का जुर्माना दोषी पाए जाने पर होगी 5 साल आगे पढ़ें »

ऊपर