अब कोरोना लक्षण वाले हर व्यक्ति की होगी जांच : आईसीएमआर

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस से संबंधित जांच के दायरे को बढ़ाते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा है कि अब देश भर में कोविड-19 के लक्षण वाले हर व्यक्ति के लिए जांच सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी। कोविड-19 की जांच को लेकर आईसीएमआर द्वारा मंगलवार को जारी एक संशोधित परामर्श में कहा गया, ‘संक्रमण रोकने और लोगों की जान बचाने का एकमात्र तरीका है कि हम जांच करें, संक्रमण के कारण पता करें और फिर उपचार करें। इसलिए देश के हर कोने में लक्षण वाले लोगों के लिए जांच सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही में संक्रमण के कारणों का पता कर उसके प्रसार को रोकने की प्रक्रिया को और मजबूत करना होगा।’
प्रवासी व विदेश से लौटे लोगों के लिए सात दिन
जांच संबंधी अपनी संशोधित रणनीति में आईसीएमआर ने उन सभी लोगों की सात दिनों के भीतर जांच कराने की सलाह दी है जो विदेशों से लौटे हों या प्रवासी हों और उन्हें इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) हो। आईएलआई जैसे लक्षणों के साथ, अस्पतालों में भर्ती मरीज हों या निषिद्ध क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति, सभी को जांच कराने की सलाह दी गई है। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कार्यरत सभी कर्मचारियों को भी जांच करानी होगी, वह चाहे स्वास्थ्य सेवा से जुडे हों या फिर अन्य सेवाओं से जुड़े हों।
सभी अस्पतालों को जांच क्षमता से करें लैस
आईसीएमआर ने प्राधिकारियों से कहा है कि वे सभी सरकारी व निजी अस्पतालों, कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को एंटीबॉडी आधारित कोविड-19 जांच क्षमता से लैस करे ताकि निगरानी कर स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों के भय को समाप्त किया जा सके। इसके पहले आईसीएमआर की ओर से जो परामर्श जारी किया गया था उसमें निषिद्ध क्षेत्रों के अलावा भीड़-भाड़ वाले इलाकों के, आईएलआई के लक्षण वाले लोगों की सुविधा केंद्रों पर जांच कराने की बात कही गई थी।
आरटी-पीसीआर टेस्ट की सुविधा
आईसीएमआर ने मंगलवार को जारी परामर्श में यह भी अनुशंसा की है कि सभी निषिद्ध क्षेत्रों, केंद्र व राज्य के सभी चिकित्सा कॉलेजों और अस्पतालों तथा नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर (एनएबीएच) व राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से अनुमोदित निजी अस्पतालों और आईसीएमआर से अनुमोदित निजी प्रयोगशालाओं में ‘रैपिड एंटीजन डिटेक्शन टेस्ट’ के साथ-साथ आरटी-पीसीआर टेस्ट की सुविधा मुहैया कराई जाए। परामर्श में कहा गया, ‘आईसीएमआर की ओर से सुझाए गए जांच के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हुए सभी राज्य सरकारें, सरकारी और निजी संस्थाएं कोविड-19 की जांच के दायरे को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।’

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