हाउडी इवेंट में पीएम मोदी के साथ दिखेंगे ट्रंप, बनेगा इतिहास

modi Trump

वाशिंगटन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 सिंतबर को अमेरिका में हाउडी रैली को संबोधित करेंगे जिसमें उनके साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी होंगे। इस बात की पुष्टि व्हाइट हाउस ने रविवार को की। मालूम हो कि पीएम मोदी अमेरिका में हाउडी रैली को संबोधित करेंगे जिसमें भारतीय समुदाय के 50 हजार से भी ज्यादा लोग शामिल होंगे। इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब दो बड़े देशों के लोकतांत्रिक नेता एक साथ रैली में होंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि ट्रंप के इस रैली में शामिल होने से इस क्रार्यक्रम का महत्व बढ़ जाएगा।

रिकार्ड संख्या में शेयर्ड ड्रीम्स, ब्राइट फ्यूचर के लिए 50,000 से भी अधिक लोगों ने अपना नाम रेजिस्टर करवाया हैं।

इतिहास में पहली बार

बता दें कि इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब भारत के प्रधानमंत्री के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति एक ही मंच पर हजारों की संख्या में इंडो अमेरिकन नागरिकों को संबोधित करेंगे। भारतीय राजदूत हर्ष वर्धन सिंघल ने इस रैली को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया है जो भारत और अमेरिका के रिश्तों को दर्शाता है। मालूम हो कि इस रैली का आयोजन ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम में किया जाएगा जिसमें 50,000 से भी ज्यादा इंडो अमेरिकन लोग शामिल होंगे। व्हाइट हाउस की मीडिया सचिव स्टेफिनी ने भी हर्ष वर्धन सिंघल के बात पर हामी भरते हुए कहा कि इस रैली की मदद से भारत और अमेरिका के संबंध सशक्त होंगे।

ट्रंप के आने की खास वजह

पीएम मोदी की रैली में शामिल होने के पीछे ट्रंप के कुछ घरेलू वजहें बताई जा रही है। ह्यूस्टन को ऊर्जा कैपिटल माना जाता है और भारत ने पहले ही इस शहर से भारी मात्रा में तेल और गैस खरीदा था। हाल ही में हुए सऊदी की तेल कंपनी पर हुए ड्रोन हमले के बाद अगर तेल की सप्लाई पर असर पड़ता है तो ह्यूस्टन से मांगें बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही अगले साल 2020 में होने वाले टेक्सस के चुनाव को भी ट्रंप के शामिल होने से जोड़ा रहा है। मालूम हो कि ह्यूस्टन में भारतीयों की आबादी काफी ज्यादा है। हालांकि साल 1976 से ही ह्यूस्टन रिपब्लिकन को सत्ता देता आ रहा है पर प्रजातंत्रवादी भी लगातार अपनी चुनौतियों को पेश कर रहे हैं। अगर राजनैतिक तौर पर देखा जाए तो यह रैली अमेरिका के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी। जानकारी के मुताबिक मोदी के इस ऐतिहासिक रैली में लगभग 60 सांसदों में रिपब्लिकन और प्रजातंत्रवादी शाामिल हो सकते हैं।बता दें कि हाउडी इवेंट की जानकारी पाकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को जाेरदार झटका लगा है। पाक लगातार अमेरिका के साथ कश्मीर मामले का लेकर मध्यस्थता पर जोर लगाए जा रहा है पर अभी तक उसके हाथ कुछ नहीं लगा है।

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