अच्छा इंसान बनना शिक्षा की कसौटी : रामनाथ कोविंद

गुमला (झारखंड) : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि अच्छा इंसान बनना इसकी कसौटी है।
रामनाथ कोविंद ने यहां विकास भारती बिशुनपुर के सौजन्य से आयोजित स्वरोजगारी एवं स्वावलंबी कृषि ग्रामोद्योग एवं कौशल विकास योजना के कार्यक्रम में कहा, ‘शिक्षा ऐसा संसाधन है, जो हम अपने बच्चों के साथ-साथ लोगों को भी दे सकते हैं। आप अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें, साथ ही उन्हें अच्छा आचरण दें ताकि वे अच्छे एवं भले की पहचान कर सकें।’ राष्ट्रपति ने कहा कि डिग्री प्राप्त कर लेने से ही पूर्णतया शिक्षित नहीं हो जाते बल्कि शिक्षित वह व्यक्ति है जो एक अच्छा इंसान है। उन्होंने कहा कि एक अच्छा इंसान बनना शिक्षा की कसौटी है। उन्होंने आदिवासी समुदाय के लोगों से मिलने की गहरी इच्छा जताई। कोविंद ने कहा कि बिशुनपुर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। बिशुनपुर त्याग, बलिदान, संघर्ष एवं स्वाभिमान की धरती है। उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है इसलिए सबको बदलने की जरूरत है। मनुष्य होकर यह प्रयास करना है कि हमारे आचरण में अंतर न हो। राष्ट्रपति ने किसानों से संवाद करने के बाद प्रदर्शनियों एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके साथ ही सृजन परिसर स्थित सिंगबोंगा भवन के सम्मुख विभिन्न जनजातीय समूहों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं गांधी संग्रहालय का भी अवलोकन किया। उन्होंने ज्ञान निकेतन परिसर में जनजातीय बच्चों के साथ वनवासी संस्कृति का अवलोकन किया। उन्होंने ज्ञान निकेतन परिसर में स्थापित वीरांगना फुलो-झानो की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण किए। इसके साथ ही ज्ञान निकेतन परिसर में राष्ट्रपति सहित अन्य गण्यमान्य अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। राष्ट्रपति ने विकास भारती परिसर में संस्थान द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रमों के स्टॉल को देखकर काफी प्रसंशा व्यक्त की। उन्होंने छऊ नृत्य के कलाकारों की प्रस्तुति को सराहा। टाना भगत समुदाय को उन्होंने महात्मा गांधी का सच्चा अनुयायी बताया। इससे पूर्व राष्ट्रपति कोविंद राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा एवं अन्य गण्यमान्य लोगों ने विकास भारती बिशुनपुर परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में द्रौपदी मुर्मू, अर्जुन मंडा, झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव समेत अन्य गण्यमान्य अतिथि एवं प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे।
बाबा बैद्यनाथ धाम में की पूजा-अर्चना
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को झारखंड के देवघर जिले के बाबा बैद्यनाथ धाम में भगवान शिव की षोड्शोपचार विधि से पूजा-अर्चना की। कोविंद ने देवघर में बाबा मंदिर पहुंचकर देश की सुख-समृद्धि की कामना बाबा बैद्यनाथ से की। इस अवसर पर राष्ट्रपति के साथ झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू उपस्थित थीं। पुरोहितों ने राष्ट्रपति को षोड्शोपचार विधि से बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना कराई। पूजा के बाद राष्ट्रपति को देवघर की उपायुक्त नैंसी सहाय ने मंदिर श्राईन बोर्ड की ओर से अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न समर्पित कर अभिनंदन किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे शहर में चाक-चौबंद सुरक्षा-व्यवस्था की गयी थी। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा की सभी व्यवस्थाएं की गयी थीं। यातायात को सुगम बनाने तथा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर में रूट डायवर्जन भी किये गए थे। कई स्थानों पर ड्रॉप गेट तथा बैरियर भी लगाया गया था। इसके साथ ही पहुंच पथ पर स्लाइडिंग बैरियर भी लगाये गये थे। हवाई अड्डे से परिसदन और मंदिर तक ऊंचे भवनों पर सुरक्षा बल के जवान तैनात किये गए थे ताकि असमाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। जगह-जगह पर सुरक्षा बल के जवान तैनात किये गए थे। उल्लेखनीय है कि कोविंद देवघर आने वाले तीसरे राष्ट्रपति हैं। इससे पहले देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद तथा दो बार बतौर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना कर चुके हैं। इस मौके पर झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, संथाल परगना के आयुक्त अरविंद कुमार, संथाल परगना के पुलिस उपमहानिरक्षक राजकुमार लकड़ा, उपायुक्त नैंसी सहाय, पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह मौजूद थे।

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