राज्यसभा में पेश होगा तीन तलाक बिल, कांग्रेस-भाजपा ने सांसदों को जारी किया व्हिप

JD (U) opposes three divorces in Rajya Sabha

नई दिल्ली :लोकसभा में पास होने के बाद मंगलवार को तीन तलाक विधेयक को केंद्र सरकार राज्यसभा में पेश करने जा रही है। इसको लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है। मालूम हो कि जब यह विधेयक लोकसभा में पेश किया गया तो वहां इसके पक्ष में 303 और विरोध में 82 वोट पड़े थे। इस विधेयक को निचले सदन बहुमत मिलने के बाद विपक्ष के कांग्रेस, तृणमूल, समाजवादी पार्टी, दविड़ मुनेत्र कषगम सहित अन्य दलों ने विरोध दर्ज करते हुए सदन से वॉकआउट किया था।
राज्यसभा में पर्याप्त बहुमत नहीं
उल्लेखनीय है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब तीन तलाक विधेयक अटका हो। पिछली लोकसभा में यह विधेयक निचले सदन में पास हो गया था, लेकिन राज्यसभा में आंकड़ों का गणित बिगड़ने के कारण यह कानून का रूप नहीं ले सका था। इस बार फिर से लोकसभा में पास हो चुका बिल मंगलवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। यहां इस विधेयक के अटकने या पास होने पर फिलहाल संशय बना हुआ है। इसका बड़ा कारण सत्तारूढ़ भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास पर्याप्त की कमी है।
ऐसे समझें आंकड़ों के गणित को
राज्यसभा में आज तीन तलाक विधेयक पास होना है। केंद्रीय सत्ता पर काबिज भाजपा के पास राज्यसभा में सदस्यों की कुल संख्या 78 है। वहीं शिवसेना के पास 3, अकाली दल के पास 3 सदस्य हैं। यह दोनों पार्टियां सरकार के साथ विधेयक का समर्थन कर सकतीं हैं। ऐसे में भाजपा के समर्थन में 84 मत आयेंगे। वहीं इस विधेयक का पहले से ही विरोध कर रही कांग्रेस के पास सदन में 48 सदस्य हैं। वहीं तृणमूल के सदस्यों की संख्या 13 और समाजवादी पार्टी के पास 12 सदस्य हैं। इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी के 4 सदस्य और अन्नाद्रमुक के पास 13 सदस्य हैं। ये पार्टियों के तीन तलाक विधेयक के विरोध में वोट करने की उम्मीद है। वहीं जनता दल यूनाइटेड ने भी बिल के विरोध की बात कही है। जदयू के पास 6 सदस्य हैं। ऐसे में विधेयक का अटकना तय माना जा रहा है। बात करें बीजू जनता दल की तो इसके पास 7 सदस्य हैं और तेलंगाना राष्ट्र समिति के पास 6 सदस्य। उम्मीद जताई जा रही है कि यह दोनों पार्टियां विधेयक के समर्थन में वोट कर सकतीं हैं। इन सब के बावजूद इसपर संशय बरकरार है। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है।
सजा और जुर्माने का प्रावधान
बता दें कि गत दिनों बीजद , युवजन श्रमिक रायतु कांग्रेस(वाईएसआर कांग्रेस),और टीआरएस ने सूचना का अधिकार विधेयक पर राज्यसभा मोदी सरकार समर्थन किया था। उनके समर्थन के कारण यह बिल पास हो गया था। यही वजह है कि भाजपा गठबंधन को तीन तलाक विधेयक पर इन पार्टियों के समर्थन की उम्मीद है। मालूम हो कि मोदी सरकार इस बिल को पास करवाने के लिए गंभीर है। इस विधेयक में तीन तलाक को गैर कानूनी बनाने और कानून बन जाने पर इसके उल्लंघन पर 3 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

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