राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचे

रांची : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन दिवसीय झारखंड दौरे पर शुक्रवार दोपहर वायुसेना के विमान से रांची पहुंचे।
राष्ट्रपति कोविंद का यहां बिरसा मुंडा हवाईअड्डे पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महापौर आशा लकड़ा, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक कमल नयन चौबे, दक्षिणी छोटानागपुर के आयुक्त तथा रांची के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक समेत कई आला अधिकारी और सेना के अधिकारियों ने स्वागत किया। कोविंद ने यहां रांची के चेरी मनातू स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल होने के साथ विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। वह शनिवार को गुमला जिले के विशुनपुर में विकास भारती के कार्यक्रम में शामिल होंगे और उसके बाद देवघर रवाना होंगे। देवघर में बाबा वैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के बाद रांची लौट जाएंगे। रविवार की सुबह राष्ट्रपति रांची से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। राष्ट्रपति के राजभवन स्थित प्रेसीडेंट सुइट में ठहरने की व्यवस्था की गयी। राजभवन में राष्ट्रपति के ठहरने को लेकर वहां सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गयी थी। इसके सभी दरवाजों पर पुलिस कैंप बनाया गया तथा राजभवन के अंदर और बाहर चारों ओर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। कोविंद का 29 फरवरी को देवघर के कुंडा हवाईअड्डे पर आगमन होगा। इसके बाद वह परिसदन जाएंगे। वहां से उनका आगमन बाबा मंदिर में होगा। ऐसे में राष्ट्रपति का काफिला जिन मार्गों से होकर गुजरेगा उन मार्गों पर प्रशासन की ओर से समय निर्धारित कर आवागमन को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति बनने के बाद कोविंद दूसरी बार झारखंड आए हैं। वह इससे पहले भी रांची आए थे लेकिन भारी बारिश के कारण उनका कई स्थानों पर प्रस्तावित दौरा रद्द हो गया था।

शिक्षा का ध्येय विद्यार्थी को अच्छा इंसान बनाना है : राष्ट्रपति
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को रांची में कहा कि शिक्षा का मुख्य ध्येय हर विद्यार्थी के लिए अच्छा इंसान बनना होना चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि यह महिला सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यहां चेरी-मनातू स्थित विश्वविद्यालय (सीयूजे) के नये परिसर का उद्घाटन करने के बाद दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर राष्ट्रपति ने 96 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से बेटियां सशक्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का ध्येय अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए। अच्छा इंसान होगा और वो डॉक्टर बन गया तो अच्छा डॉक्टर होगा। अच्छा इंसान होगा और अगर वो नेता बन गया तो वो अच्छा सामाजिक नेता होगा। अच्छा इंसान होगा तो अच्छा पति और पिता भी होगा। बेटी अच्छी इंसान होगी तो अच्छी बहू और अच्छी सास भी होगी। उन्होंने कहा कि बेटियां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। अधिकांश विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में उन्होंने देखा है कि स्वर्ण पदक विजेताओं में बेटियां अधिक होती हैं। सीयूजे में भी पिछले छह वर्षों में 96 में से 64 छात्राओं ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया है जबकि सिर्फ 32 छात्रों को ही स्वर्ण पदक मिला। इस मौके पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और सीयूजे के चांसलर जस्टिस वी एन खरे भी मौजूद थे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

लोगों को मेरे खेल के खत्म होने के बारे में लिखने की आदत है, मुझे फर्क नहीं : सुशील

नयी दिल्ली : दिग्गज पहलवान सुशील कुमार उम्र के ऐसे पड़ाव पर है जहां ज्यादातर खिलाड़ी संन्यास की घोषणा कर देते है लेकिन ओलंपिक में आगे पढ़ें »

कोरोना से हुए नुकसान को कम करने के लिए सरकार जल्द नए राहत पैकेजों की घोषणा करेगी

नई दिल्ली : कोरोना के कारण हुए लॉक डाउन के कारण देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हुआ है। वित्त मंत्रालय लगातार राहत पैकेज पर आगे पढ़ें »

ऊपर