भारत में 5-6 रुपये महंगा हो सकता है पेट्रोल

नई दिल्ली : सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के कच्चे तेल के 2 संयंत्रों पर हुये हमले के बाद अंतराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को इसकी कीमत 19.5 प्रतिशत उछलकर 72 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गयी। हालांकि बाद में यह करीब 10 प्रतिशत बढ़त के साथ 67 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही। यह 14 जनवरी साल 1991 के बाद की सबसे बड़ी तेजी है। कच्चे तेल में भारी उछाल के कारण भारत में भी पेट्रोल तथा डीजल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका है। हमलों के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति 57 लाख बैरल प्रतिदिन बाधित हो गयी है जो वैश्विक उत्पादन का 5 प्रतिशत है। आशंका है कि आपूर्ति पूरी तरह दुबारा बहाल करने में काफी समय लग सकता है।

एक दिन में आई जबरदस्त तेजी

लंदन से प्राप्त जानकारी के अनुसार कच्चा तेल का मानक ब्रेंट क्रूड वायदा में आज सुबह जबरदस्त तेजी देखी गयी। एक समय यह 19.48 प्रतिशत चढ़कर 71.95 डॉलर प्रति बैरेल पर पहुंच गया। बाद में कच्चे तेल की तेजी कुछ कम हुई और यह 6.35 डॉलर यानी 9.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 66.57 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। सितंबर का अमेरिकी क्रूड वायदा भी सुबह के समय 15.5 प्रतिशत की छलांग लगाकर 63.34 डॉलर प्रति बैरल हो गया था। यह 22 जून 1998 के बाद की इसकी सबसे बड़ी तेजी है। बाद में यह भी गत कारोबारी दिवस के मुकाबले 5.55 डॉलर यानी 10.12 प्रतिशत मजबूत होकर 60.40 डॉलर प्रति औंस बोला गया।

भारत की बढ़ी चिंता

कच्चे तेल में भारी उछाल के कारण भारत में भी पेट्रोल तथा डीजल की कीमतों में तेज उछाल की आशंका है, जिसने देश की चिंता को बढ़ा दिया है। साथ ही इससे आर्थिक विकास को दोबारा गति देने के प्रयास में जुटी सरकार की चुनौतियां भी बढ़ गई है। मालूम हो कि पूर्वी सऊदी के खुरैस और अबकैक में शनिवार को सऊदी अरामको के संयंत्रों पर ड्रोन से हमले हुये, जिससे वहां आग लग गयी थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इन हमलों के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति 57 लाख बैरल प्रतिदिन बाधित हो गयी है जो वैश्विक उत्पादन का 5 प्रतिशत है। एक रिपोर्ट के अनुसार तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के महासचिव मोहम्मद बरकिंडो ने कहा है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

5-6 रुपये महंगा हो सकता है पेट्रोल

इस घटना के बाद अब ये अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले 15 दिनों में भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में 5 से 6 रुपये प्रति लीटर में बढ़ोतरी हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने की वजह से भारत की तेल विपणन कंपनियां आने वाले समय में डीजल और गैसोलीन के दाम में 5 से 6 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर सकती हैं।

भारत के आर्थिक विकास पर असर

तेल की कीमतों में आई जबरदस्त तेजी के बाद पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आपूर्ति बाधित होने की संभावना को खारिज किया। साथ ही विश्लेषकों ने चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि ज्यादा समय तक कीमतें कम नहीं हुई तो यह भारत के आर्थिक विकास पर बुरा असर डाल सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारत अपनी जरूरत का 83 प्रतिशत तेल आयात करता है।

भारत के लिए आपूर्ति बाधित नहीं होगी : पेट्रोलियम मंत्री

सूत्रों के अनुसार भारत के लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु रियाद में भारतीय राजदूत ने आरामको के वरिष्ठ प्रबंधकीय अधिकारियों से संपर्क किया है। वहीं पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि ‘हमने सितंबर में तेल कंपनियों के कच्चे तेल आयात की समीक्षा की है। हमें भरोसा है कि भारत के लिए आपूर्ति बाधित नहीं होगी।’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए है।

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