करतारपुर गुरुद्वारा के पास चल रहा है कई आतंकी कैंप : खुफिया एजेंसी

kartarpur gurudwara

नई दिल्ली : पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित गुरु नानक देव का पवित्र स्‍थल करतारपुर कॉरिडोर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर खुलने में अब केवल एक ही हफ्ते का समय रह गया है। इन सब के बीच भारतीय खुफिया एजेंसियों ने करतारपुर गुरुद्वारे के पास आतंकी ठिकानों का पता लगाया है। कॉरिडोर के उद्घाटन के एक सप्ताह पहले खुफिया ऐजेंसियों ने बताया कि जिस जिले में गुरुद्वारा है वहां आतंकी संगठन अपना कैंप चला रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए यह चिंता का ‌विषय बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के निकट पाकिस्तान पंजाब के नारोवाल जिले में कई आतंकी कैंप चलने और उनसे संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हुई है।

महिलाएं एवं पुरुषों को मिल रही है प्रशिक्षण

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान पंजाब के मुरीदके,शाकरगढ़ और नारोवाल जिले में आतंकी संगठन स्थित हैं। इन कैंप्स में बड़ी तादात में महिलाएं और पुरुष को शामिल किया गया हैं जिन्हें प्रशिक्षण दी जा रही हैं। एजेंसियों ने सभी श्रद्धआलुओं को सतर्क किया हैं। भारत के सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इस बात का खुलासा किया गया है जिससे चिंता बढ़ गई है। मालूम हो कि यह मिटिंग पंजाब में सीमा पर व्यवस्‍था की चर्चा को लेकर की गयी थी।

सिम कार्ड्स और संजाल पर प्रतिबंध लगाने की अपील

सूत्रों के मुताबिक इस कॉरिडोर का उपयोग ड्रग तस्करी और देश-विरोधी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। इस काम के लिए पाकिस्तानी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। इस जानकारी के बाद पंजाब में बाॅर्डर पर सुरक्षा में तैनात एक एजेंसी ने राजस्थान के श्री गंगानगर के जिलाधिकारी की तर्ज पर पंजाब पुलिस से पाकिस्तानी सिम कार्ड्स के उपयोग और संजाल पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों को डिजिटल मीडिया के जरिए अपना प्रॉपगेंडा फैलाने वाले समूह सिख फॉर जस्टिस पर भी नजर रखनी है। खुफिया एजेंसियां इस बात को लेकर भी चिंतित है कि पाकिस्तान के मोबाइल नेटवर्क भारतीय सीमा के तीन-चार किलोमीटर अंदर तक सिग्नल पकड़ रहे हैं।

पंजाब के पीएम ने भी जतायी आशंका

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी पाकिस्तान की मंशा पर शक जताते हुए कहा है कि कॉरिडोर खोलना आईएसआई का एजेंडा हो सकता है। उन्होंने कहा है पाक का मकसद जनमत-संग्रह 2020 के लिए सिख भाईचारे को प्रभावित करना है जिसे सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। अमरिंदर सिंह ने कहा कि हम पूरी तरह से सक्रिय और चौंकना हैं और उन्होंने भारत सरकार को पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की बातचीत करने के खिलाफ चेतावनी दी है।

9 नवंबर को होगा उद्घाटन

मालूम हो कि 9 नवंबर को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक के पीएम इमरान खान की ओर से कतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन के बाद 575 श्रद्धालुओं का पहला समुह करतारपुर साहिब जाएगा। इस जत्थे के नेतृत्व की जिम्मेदारी भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दी गई है। इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, हरदीप पुरी, हरसिमरत कौर और पंजाब के कई सांसद और विधायक भी भाग लेंगे।

मालूम हो आजादी कि बाद भारत और पाकिस्तान के बीच यह पहला वीजा और पासपोर्ट फ्री कॉरिडोर होगा जिसके लिए वीजा और पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पाक 10 से 12 नवंबर को करतारपुर साहिब जाने वालों को छोड़कर हर श्रद्धालु से 20 डॉलर (लगभग 1,400) रुपये की फीस लेगा। यात्रा पर गए श्रद्धालु करतारपुर को छोड़कर किसी दूसरी जगह पर नहीं जा सकेंगे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

श्रमिकों की कमी से जूझ रही कंपनियां ज्यादा सैलरी देकर भी बुलाना चाहती हैं काम पर

नई दिल्ली : कोरोना महामारी के कारण पलायन कर अपने घरों को लौट जाने वाले प्रवासी मजदूरों को अब निर्माण से जुडी कंपनियां अधिक सैलरी आगे पढ़ें »

जिंदल स्टेनलेस को वित्त-वर्ष 2019-20 में 153 करोड़ रुपए का मुनाफा

नई दिल्ली : जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (जेएसएल) ने 31 मार्च, 2020 को पूरे हुए वित्त-वर्ष के परिणाम घोषित किए हैं, कंपनी को वित्तवर्ष 2019-20 के आगे पढ़ें »

ऊपर