महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन पर लगी मुहर, कोविंद ने दी मंजूरी

President Kovind

मुंबई : महाराष्ट्र में कई दिनों से जारी सियासी घमासान के बाद अब राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश पर मुहर लगा दी गयी है। राष्ट्रपति कोविंद ने मंगलवार को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की मंजूरी दे दी है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को ही राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की थी जिसपर शाम को मुहर लगा दी गयी। अगले छह महीने के लिए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है।

बुधवार को हो सकती है राष्ट्रपति शासन के खिलाफ सुनवाई

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने राज्यपाल के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि वे कांग्रेस के साथ बातचीत करेंगे। वहीं, राष्ट्रपति शासन के खिलाफ शिवसेना उच्चतम न्यायालय पहुंच कर याचिका दायर कर चुकी है। इस मामले पर प्रधान न्यायालय की अनुपस्‍थिति के कारण बुधवार सुबह सुनवाई की संभावना है।

कांग्रेस के अनुसार राज्यपाल ने की जल्दबाजी

कांग्रेस के अनुसार राज्यपाल कोश्यारी ने महाराष्ट्र में सरकार गठन के सभी विकल्प अपनाए बिना राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करके जल्दबाजी दिखाई। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने यहां पत्रकारों से कहा, ”मैं इस कार्रवाई की निंदा करता हूं, जो सभी विकल्प अपनाए बिना जल्दबाजी में की गई। यह राज्यपाल की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। इससे यह सवाल भी उठता है कि क्या राज्यपाल दबाव में काम कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि इससे पहले राज्यपाल ने एनसीपी के सरकार गठन को लेकर मंगलवार रात साढ़े आठ बजे तक का वक्त दिया था। हालांकि इससे पहले ही उन्होंने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने से जुड़ी रिपोर्ट भेज दी है।

तीसरी बार महाराष्ट्र में लागू हुआ राष्ट्रपति शासन

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन पहली बार 17 फरवरी 1980 को लागू हुआ था। उस समय मुख्यमंत्री शरद पवार के पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत था, इसके बावजूद सदन भंग कर दिया गया था। इसके बाद 17 फरवरी से 8 जून 1980 तक, 112 दिनों के लिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था।

दूसरी बार महाराष्ट्र में 28 सितंबर 2014 को राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था। तब कांग्रेस ने सरकार में शामिल सहयोगी दल एनसीपी समेत अन्य दलों से किनारा कर लिया था। इस कारण सदन को भंग कर दिया गया था। उस समय 28 सितंबर से 30 अक्टूबर 2014 तक, 32 दिन के लिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था।

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