लद्दाख में टकराये भारत और चीन के सैनिक, ‘फेस ऑफ’ की बनी स्थिति

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नई दिल्ली : पूर्वी लद्दाख में पेंगोंग त्सो झील के नजदीक बुधवार को भारत और चीन के सैनिकों के बीच गरमागरम बहस हुई। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इलाके में भारतीय सैनिकों की गश्त पर चीन के सैनिकों ने आपत्ति जताई जिसके बाद यह बहस हुई। दोनों देशों के सैनिकों के आमने-सामने आने की वजह से ‘फेस ऑफ’ की स्थिति बन गई। सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस घटना का कारण भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर अलग-अलग नजरिया है। लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के भारत सरकार के फैसले से चीन परेशान है। जिस वजह से लद्दाख मामले पर चीन और भारत में तनातनी का भी माहौल बना है। हालांकि इस मसले को बुधवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान सुलझा लिया गया।

2017 में भी हुई थी झड़प

बता दें कि इससे पहले भी साल 2017 में लद्दाख के पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे के समिपवर्ती क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिक आपस में भीड़ चुके हैं। वहीं डोकलाम में भी दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की खबरें आई थी। डोकलाम में तो दोनों तरफ के सैनिकों के बीच काफी समय तक गरमागरमी चली थी। उस दौरान दोनों दोशों के जवान करीब 70 दिनों तक एक दूसरे के सामने डटे रहने के बाद हटे थे।

भारत के फैसले को ‘अस्वीकार्य’ बताया था

बताया जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से 370 हटाये जाने तथा घाटी को 2 भागों में बांटे जाने के कारण चीन बौखलाया हुआ है और पाकिस्तान की हां में हां मिलाते हुए इस पर आपत्ति जता रहा है। बता दें कि चीन ने लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बनाने के भारत के फैसले को ‘अस्वीकार्य’ बताया था। हालांकि भारत सरकार ने चीन के इस विरोध का जवाब देते हुए कहा था कि यह भारत का आंतरिक मामला है। वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि भारत किसी भी देश के आंतरिक मसलों में कोई टिप्पणी या हस्तक्षेप नहीं करता और इसी प्रकार के व्यवहार की उम्मीद वह अन्य देशों से भी करता है।

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