राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को सरकार बनाने का दिया न्योता

uddav thackrey

मुंबई : भारतीय जनता पार्टी के महाराष्ट्र में सरकार बनाने से इनकार करने पर राज्यापाल भगत सिंह कोश्यारी ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना से सरकार बनाने के बारे में पूछा है। बीजेपी ने रविवार को राज्यपाल से मुलाकात कर कहा था कि हमारे पास बहुमत नहीं है इसलिए हम सरकार नहीं बना सकते। महाराष्ट्र में अब नया सियासी मोड़ आ गया है। राजभवन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि क्या शिवसेना सरकार बनाना चाहती है।

बीजेपी ने दिखाई असमर्थता

हालांकि रविवार बीजेपी ने पर्याप्त आंकड़े ना होने का हवाला देते हुए सरकार बनाने में असमर्थता जताई है। इसके बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना के निर्वाचित सदस्यों के नेता एकनाथ शिंदे से कहा है कि वह अपनी इच्छा और सरकार बनाने की क्षमता से अवगत कराएं। महाराष्ट्र चुनाव में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला है और बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को जनता ने बहुमत दिया है।

शिवसेना को 56 सीटों पर मिली थी जीत

बता दें कि 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटों पर जीत हासिल की थी। राज्य में 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 145 सीटों पर जीत की आवश्यकता होती है।

रणनीति की घोषणा करेंगे: संजय राउत

इससे पहले शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा था कि यदि महाराष्ट्र में कोई और सरकार गठित नहीं कर पाता है तो उनकी पार्टी अपनी अगली रणनीति की घोषणा करेगी। उन्होंने साथ ही कहा कि राजनीति उनके दल के लिए कोई कारोबार नहीं है। राउत ने किसी व्यक्ति या पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि ‘अजेय’ होने का बुलबुला फूट गया है और सरकार गठन के लिए नेता को ‘खरीदने’ का घमंड राज्य में अब काम नहीं करता। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यदि कोई सरकार गठित नहीं करता है, तो शिवसेना ‘दखल’ देगी।

महाराष्ट्र में सत्ता के समीकरण
पहला : 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 145 सीटें चाहिए। शिवसेना, राकांपा साथ आएं और कांग्रेस बाहर से समर्थन कर दे तो शिवसेना के 56, राकांपा के 54 और कांग्रेस के 44 विधायक मिलाकर कुल संख्या 154 हो जाती है, जो कि बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है। ऐसे में तीनों दल मिलाकर सरकार बना सकते हैं।

दूसरा : शिवसेना, राकांपा के कुल 110 विधायकों के साथ निर्दलीय व अन्य के 24, बहुजन विकास अगाड़ी के 3 और एआईएमआईएम के 2 विधायकों को मिलाकर कुल 139 विधायक होते हैं। ऐसे में भी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का बाहर से समर्थन जरूरी होगा।

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