लड़की ने मोबाइल गेम की सनक में घर छोड़ा, 17 दिन में 9 शहर घूमी

frenzy of mobile games

नई ‌दिल्ली : उत्तराखंड के पंतनगर से 1 जुलाई को लापता हुई छात्रा कई दिनों तक 9 शहरों में घूमने के बाद घर लौट आई। उक्त छात्रा मोबाइल गेम ‘टैक्सी ड्राइवर 2’ के लत के चलते घर छोड़कर चली गई थी। उसकी यह यात्रा तब खत्म हुई जब पुलिस के एक गश्ती दल ने कमला मार्केट इलाके में उसे घूमते देखा और उसके ठिकाने की पूछताछ की।

पुलिस का बयान

पुलिस ने अनुसार, लड़की से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्स) में अपने भाई से मिलने आई थी, लेकिन बाद में उसने असली सच्चाई बताई। पुलिस ने बताया कि उसके पास से कागज का एक टुकड़ा मिला जिस पर फोन नंबर लिखा था। पुलिस को उस नंबर से जानकारी मिली कि वह पिछले 17 दिनों से घर से गायब है। पुलिस ने उसके परिवार वालों से संपर्क किया, जिसके बाद वे उसे वापस ले जाने दिल्ली पहुंचे।

अंतर्मुखी स्वभाव की थी

गौरतलब है कि लड़की पंतनगर स्थित अपने घर से 14 हजार रुपए लेकर निकली थी। इसके बाद वो ऋषिकेश, हरिद्वार, बरेली, लखनऊ, उदयपुर, जयपुर, अहमदाबाद और पुणे की यात्रा कर ‌दिल्ली पहुंची थी। पुलिस ने बताया कि वह अचानक से ही किसी भी शहर पहुंच जाती थी। वहीं उसके दोस्त ने बताया कि वह एक अंतर्मुखी स्वभाव की लड़की है और अधिकतर समय मोबाइल गेम खेलने में बिताती है।

विशेषज्ञ ने ये कहा

इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन विहेवियर एंड अलाइड साइंसेज के निदेशक डॉ. निमेश देसाई ने इस बारे में अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि जो बच्चे परिवारवालों से ज्यादा घुलते मिलते नहीं उनके उपर उनके माता पिता को ध्यान देना चाहिए। इस तरह के अंतर्मुखी बच्चों को अपनी दुनिया की तुलना में वास्तविक दुनिया में लोगों से मिलने जुलने का अवसर ज्यादा देना चाहिए।

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