फड़णवीस ने दिया इस्तीफा,कहा-शिवसेना से कभी नहीं हुई 50-50 फॉर्मूले पर चर्चा

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मुबंई : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच राजनीतिक उठापटक जारी है। अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि महाराष्ट्र में किस पार्टी की सरकार का गठन होगा। शिवसेना लगातार भाजपा को संकेत दे रही है कि वह दूसरे विकल्पों पर सोच-विचार कर सकती है लेकिन वह इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। शिवसेना लगातार अपने 50-50 फॉर्मूले की जिद पर अड़ी है। वहीं दूसरी ओर भाजपा अपने मुख्यमंत्री के पद को बांटना नहीं चाहती। वहीं, कार्यकाल समाप्त होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने आज राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया और सरकार न बना पाने का अफसोस जाहिर किया है। फड़णवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमारी शिवसेना से 50-50 फॉर्मूले पर कभी बात नहीं हुई है और अगर इस संबंध में कोई गलतफहमी है तो इस पर बात करके विचार किया जा सकता है।

सरकार न बनना जनादेश का अपमान

फड़णवीस के इस्तीफे के बाद राज्यपाल ने उन्हें कार्यवाहक मुख्यमंत्री की तरह काम करने का आदेश दिया है। जब तक राज्य में कोई नई व्यवस्‍था का इंतजाम नहीं हो जाता तब तक फड़णवीस ही कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहेंगे। फडणवीस ने कहा कि महायुति का सरकार न बन पाना गलत है और जनादेश का अपमान भी। जनता पर दोबारा चुनाव थोपना सही नहीं है और जनादेश मिलने पर भी सरकार का न बन पाना बड़ी अफसोस की बात है। उन्होंने कहा कि लोग जानबूझकर कर ऐसे बयान दे रहें हैं कि विधायक हमारे संपर्क में हैं। मैं सभी को चुनौती देता हूं कि या तो अपने बात को साबित करो या माफी मांगो। फड़णवीस ने कहा कि हमारी पार्टी ने 105 सीटें जीती और हमारा स्ट्राइक रेट 70 प्रतिशत था लेकिन दुर्भागयवश हमें कुछ कम सीटें कम प्राप्त हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,अमित शाह और जेपी नड्डा को धन्यवाद देते हुए कहा कि मैं उनका आभारी हूं। मुझे 5 सालों तक महाराष्ट्र की सेवा करने का अवसर मिला। इसके अलावा उन्होंने शिवसेना के प्रति भी अपना आभार प्रकट किया।

कभी नहीं हुई 50-50 फॉर्मूले पर चर्चा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में फड़णवीस ने कहा कि हमारी शिवसेना से 50-50 फॉर्मूले पर कभी चर्चा नहीं हुई। हालांकि, मैंने और उद्वव ठाकरे ने एक साथ कई मुद्दों पर काम किया है लेकिन इस बारे में कभी बात नहीं हुई। इस विषय में मैंने अमित शाह और नितिन गडकरी से भी बात की और उन दोनों ने भी ढाई साल वाले मुख्यमंत्री के किसी भी तरह से फैसले से मना कर दिया। फड़णवीस ने कहा कि पहले तो शिवसेना हमारे साथ गठबंधन में सरकार बनाने को राजी थी लेकिन अब उनकी ओर से यह कहा गया कि हमारे पास विकल्प मौजूूद हैं। ऐसा क्यों हुआ,यह मेरी समझ से परे है। जहां तक 50-50 फॉर्मूले की बात है तो हमारी शिवसेना से इस पर कभी चर्चा नहीं हुई। मेरे सामने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया था और अगर हमारे पार्टी अध्यक्ष और ठाकरे के बीच इस संबंध में कोई बातचीत हुई है तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अब तो यह कहा जा रहा है कि हम इस पर बात करेंगे ही नहीं। मैंने बात करने की कोशिश की और मैंने उद्वव जी को फोन भी किया लेकिन मेरी उनसे बात नहीं हो पाई।

अमित शाह के साथ 50-50 फॉर्मूला फाइनल हुआ था : उद्धव

फड़नवीस के बयानों पर पलटवार करते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के सामने 50-50 का फॉर्मूला फाइनल हुआ था। शाह ने कहा था कि अभी तक जो हुआ सो हुआ, अब न्याय होगा। शाह ने कहा था कि हम पद और जिम्मेदारियां बराबर बांट लेंगे। शाह ने कहा था कि मैं मुख्यमंत्री पद का नहीं जिक्र करूंगा। उन्होंने यह जरूर कहा था कि 50-50 पर कब बोलना है, यह मैं तय करूंगा। उन्होंने कहा कि चर्चा को लेकर हमने कभी दरवाजा बंद नहीं किया। बस मैं उनके झूठ से परेशान हूं। हमने सरकार को लेकर कांग्रेस से कभी चर्चा नहीं की। अहमद पटेल से मेरी नहीं, अमित शाह की पहचान है। उद्धव ने कहा, “हम डिप्टी सीएम के पद पर तैयार नहीं हैं। वादा मुख्यमंत्री का हुआ था तो मुख्यमंत्री ही मिलना चाहिए। आप महबूबा मुफ्ती, नीतीश कुमार जैसे लोगों के साथ सरकार चला सकते हैं और हमारे साथ सरकार चलाने में दिक्कत है।’

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