सीएए विरोधी दंगों पर बड़ा खुलासा, पीएफआई के खातों से कई लोगों को भेजे गए करोड़ों रुपये

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नई दिल्ली : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के बैंक खातों से देश के कई दिग्गज वकीलों को पैसे देने का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस खुलासे के मुताबिक पीएफआई के कुल 73 बैंक खातों से कई लोगों व संस्‍थाओं के खाते में सिर्फ 2 से 3 दिन के अंदर ही 120 करोड़ रुपये जमा किए गए। इनमें कपिल सिब्बल और इंदिरा जयसिंह के खातों में भी भारी रकम जमा की गई है। यह माना जा रहा है कि इन रुपयों का इस्तेमाल दंगों के लिए किया गया था। बता दें कि ईडी की जांच के अनुसार पीएफआई से संबंधित कार्यकर्ताओं ने सीएए के विरोध के नाम पर देशभर में दंगे फैलाए थे।

आरोप हैं आधारहीनः पीएफआई

वहीं, पीएफआई ने बयान जारी करते हुए इन आरोपों को आधारहीन बताया है। उनका कहना है कि 120 करोड़ के लेनदेन के आरोप गलत हैं और उनका सीएए के विरोध प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है।

कपिल सिब्बल को 77 लाख भेजे, इंदिरा जयसिंह को 4 लाख

दिसंबर, 2019 में सीएए पारित होने के बाद पीएफआई के 27 और उससे संबंधित इकाई रिहैब इंडिया फाउंडेशन के 9 और पीएफआई की 17 अलग अलग इकाइयों-व्यक्तियों से संबंधित 37 खातों से करीब 120 करोड़ रुपये अन्य लोगों को भेजे गए। इस खुलासे के मुताबिक पीएफआई से संबंधित बैैंक खातों से कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल को 77 लाख रुपये, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह को 4 लाख, दुष्यंत दवे को 11 लाख और अब्दुल समर को 3 लाख रुपये दिए गए थे। इनमें से अब्दुल समर का नाम एनआईए की चार्जशीट में भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार इस रकम को उत्तर प्रदेश (यूपी) के बहराइच, बिजनौर, हापुड़, शामली, डासना से इकट्ठा किया गया था।

पीएफआई की कश्मीर इकाई को मिले थे 1.65 करोड़

ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि पीएफआई की कश्मीर इकाई को 1.65 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। ईडी ने गृह मंत्रालय को इन पैसों के लेनदेन के बारे में सूचित किया था। इस रिपोर्ट के खुलासे के बाद बीजेपी ने मामले की जांच के लिए कहा है। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर किसी विशेष दिन इस तरह का वित्तीय लेनदेन हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए।

दंगों के मास्टरमाइंड वसीम की जमानत के बाद हुआ खुलासा

उल्लेखनीय है कि पीएफआई अध्यक्ष वसीम अहमद को यूपी में हिंसा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था । हालांकि, पिछले हफ्ते ही उसे जमानत मिल गई थी। इसके कुछ दिनों बाद ही लेनदेन का यह मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार वसीम यूपी हिंसा का मास्टरमाइंड था लेकिन पुलिस उसके खिलाफ मजबूत सबूत जुटाने में नाकामयाब रही और इसी कारण उसे जमानत मिल गई।

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