शाहीन बाग मामले में शीर्ष न्यायालय ने नियुक्त किया वार्ताकार, सड़क जाम पर जताया ऐतराज

court

नई दिल्ली : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में करीब दो महीने से धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि विरोध के नाम पर सड़क जाम नहीं की जा सकती। न्यायालय ने कहा कि लोगों को विरोध जताने का अधिकार है लेकिन इसके लिए वे सड़क जाम नहीं कर सकते। साथ ही न्यायालय की ओर से सोमवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े को वार्ताकार के तौर पर नियुक्त किया है। इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख तय की गई है। बता दें शाहीन बाग में 15 दिसंबर से सीएए और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ जारी प्रदर्शन के चलते दिल्ली की एक प्रमुख सड़क (सड़क संख्‍या 13 ए, मथुरा रोड से कालिंदी कुंज) बंद पड़ी है।

‘अभिव्यक्ति की एक सीमा है’

न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या प्रदर्शनकारियों से बात कर उन्हें ऐसी जगह जाने के लिए कहा जा सकता है, जहां प्रदर्शन से सड़कें जाम न हों। जस्टिस कौल ने कहा कि प्रदर्शन में संतुलन आवश्यक है, वरना अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती है। न्यायालय ने कहा, ‘ सवाल यह है कि क्या सार्वजनिक स्‍थलों का इस्तेमाल धरने के लिए किया जा सकता है या नहीं? अगर प्रदर्शन हो भी तो उससे सड़क जाम नहीं होनी चाहिए। लोकतंत्र लोगों कि अभिव्यक्ति से ही चलता है लेकिन इसकी एक सीमा है।’

पिछली बार दोनों पक्षों को सुनना चाहता था न्यायालय

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई थी कि शाहीन बाग में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए। इस पर ‌पिछली सुनवाई में न्यायालय ने कहा था कि किसी सार्वजनिक जगह पर अनंतकाल तक प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। हालांकि तब सड़क खाली करवाने का कोई आदेश नहीं दिया गया था। न्यायालय ने कहा था कि इस मामले में दूसरे पक्ष को सुने बगैर कोई निर्देश जारी नहीं किया जा सकता।

शेयर करें

मुख्य समाचार

सन्मार्ग एक्सक्लूसिव :आर्थिक पैकेज से हर वर्ग को राहत, न अन्न की कमी, न धन की : ठाकुर

 विशेष संवाददाता, कोलकाता : कोविड-19 संकट के आघात से देश और देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। आगे पढ़ें »

जार्ज फ्लायड की मौत पर आईसीसी ने कहा, विविधता के बिना क्रिकेट कुछ नहीं

दुबई : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने शुक्रवार को कहा कि ‘क्रिकेट विविधता के बिना कुछ भी नहीं है।’ उसने यह बयान अफ्रीकी मूल के आगे पढ़ें »

टेस्ट मैच में लागू होगा कोरोना सब्स्टीट्यूट, जल्द मिलेगी आईसीसी की मंजूरी

विश्व पर्यावरण दिवस विशेष : तीन दशक से पर्यावरण-जंगल की रक्षा कर रहे रामगढ़ के वीरू महतो

स्थिति ठीक होने पर ही टूर्नामेंट्स हो, आज यूएस ओपन होता है तो मैं नहीं खेलूंगा : नडाल

ट्रेडिंग के आखिरी के घंटों में गंवाया लाभ, निफ्टी 0.32% और सेंसेक्स 128.84 अंक नीचे हुआ बंद

आईडब्ल्यूएफ से मुआवजे की मांग करेंगी भारोत्तोलक संजीता चानू

दर्शकों के बिना कैसे होगा विश्व कप, उचित समय का इंतजार करे आईसीसी : अकरम

बंगाल में तूफान से भी तेज हुई कोरोना मामलों की गति, अब तक के सबसे अधिक आए मामले

पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी की दर देश की तुलना में कम: सीएमआईई आंकड़े

एसबीआई ने 2019-20 की चौथी तिमाही में 3,581 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया

ऊपर