सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ बिहार में बंद का मिला-जुला असर

पटना : सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ विभिन्न संगठनों के भारत बंद के आह्वान का बिहार में मिला-जुला असर देखा गया।
बिहार में बंद का समर्थन कर रही भाकपा, माकपा, भाकपा (माले), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी और जन अधिकार पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राष्ट्रीय जनता दल ने इस बंद से अपने को अलग रखा है। बंद समर्थकों ने राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में सड़क और रेल यातायात को बाधित करने की कोशिश की।

जीतन राम मांझी, रालोसपा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा व अन्य

हम के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, रालोसपा अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा तथा जाप के अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अपने समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में डाकबंगला चौराहा पहुंचे और यातायात को बाधित कर दिया। पुलिस ने उन्हें समझाकर सड़क पर से जाम हटाने की कोशिश की लेकिन इसी दौरान एक बंद समर्थक ने एक पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर बंद समर्थकों को खदेड़ दिया। बंद समर्थकों ने पटना के अशोक राजपथ पर कुछ गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिये। इसी तरह सीतामढ़ी में भी सीएए का विरोध करने वाले और समर्थक आपस में भिड़ गये। इस घटना में कुछ लोगों को चोटें भी आयी है। राज्य के अन्य हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। गया में बंद का व्यापक असर रहा। इस दौरान बंद समर्थकों ने कोतवाली थाना क्षेत्र के बजाज रोड मुहल्ले में जमकर हंगामा मचाया। दुकानों को जबरन बंद कराने को लेकर समर्थकों एवं स्थानीय दुकानदारों के बीच नोकझोंक हुई।

बंद में शामिल कन्हैया कुमार

औरंगाबाद जिले में भी बंद का आंशिक असर देखा गया। जिले के गोह, नवीनगर और रफीगंज इलाके में सुबह दुकानें बंद रहीं लेकिन बाद में सब कुछ सामान्य हो गया। दरभंगा में बंद का छिटपुट असर देखा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 57 पर जीवछ घाट के निकट 500 से अधिक पुरुषों एवं महिलाओं ने सड़क पर धरना देकर यातायात बाधित कर दिया। वहीं, जाले थाना क्षेत्र में देवड़ा और राढ़ी गांव के पास समर्थकों ने धरना देकर राजकीय राजमार्ग को जाम किया। नगर थाना क्षेत्र के किला घाट में समर्थकों ने बीच सड़क पर धरना देकर यातायात बाधित किया। बंद का खासा असर अल्पसंख्यक बहुल इलाके में ही देखा गया। सीएए, एनआरसी एवं एनपीआर वापस लेने की मांग पर भारत बंद के आह्वान का समस्तीपुर जिले मे सड़क यातायात पर प्रभाव देखा गया। भाकपा-माले समेत वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने समस्तीपुर शहर के सरकारी बस स्टैंड के पास मुख्य पथ को जाम कर दिया, जिसके कारण समस्तीपुर-पटना और समस्तीपुर-दरभंगा समेत अन्य मार्गों पर यातायात बाधित रहा। भागलपुर जिले में बंद का आंशिक असर पड़ा। इस दौरान शहर के शाह मार्केट और तातारपुर इलाके की दुकानें बंद रहीं लेकिन मुख्य बाजार सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। वहीं, रेल एवं सड़क आवागमन सामान्य रहा। बंद से निपटने के लिए जिला प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी की देख-रेख में पुलिस बल तैनात किये गए थे। इस दौरान कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। इसके साथ ही राज्य के अन्य जिलों में बंद का मिला-जुला असर रहा।

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