राजनीतिक हिंसा और डॉक्टरों की हड़ताल पर केंद्र ने मांगी ममता सरकार से रिपोर्ट

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक हिंसा और हाल ही में शुरू हुई डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार से अलग-अलग रिपोर्ट मांगी है। कुछ आधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि केंद्र ने यह फैसला शनिवार को ही लिया है। इतना ही नहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार से 2016 से 2019 के बीच हुई राजनीतिक हिंसा को लेकर भी रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि इन चार सालों में बंगाल में राजनीतिक हिंसा में करीब 160 लोगों की मौत हुई है।

एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर और दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए इस तरह की घटनाओं की जांच के संबंध में राज्य सरकार से एक रिपोर्ट मांगी गई है। अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की चल रही हड़ताल पर भी एक अन्य विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। राज्य में डॉक्टरों की हड़ताल से मेडिकल सेवाएं चरमरा गई हैं।

2019 में ही अब तक 26 लोगों की मौत 
केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिली रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में हिंसा की घटनाएं बहुत अधिक बढ़ गई है। साल 2016 में यहां हिंसा की घटना 509 थी जो 2018 में बढ़कर 1035 हो गई हैं। 2019 में ही अब तक हिंसा की 773 घटनाएं हो चुकी हैं। 2019 में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है।

कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने में असफल है बंगाल

गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि 2016 से जारी हिंसा यह दर्शाती है कि पश्चिम बंगाल सरकार कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने में असफल है। इतना ही नहीं राज्य सरकार लोगों में सुरक्षा का भाव भी नहीं पैदा कर पा रही है। केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि वह अपनी रिपोर्ट में अब तक राजनीतिक हिंसा को रोकने, उसकी जांच और दोषियों को सजा दिलाने के लिए क्‍या कदम उठाए गए हैं, इसके जानकारी दें।

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