भारत के प्रति आक्रामक होने की बजाय आतंकियों पर कार्रवाई करे पाक – अमेरिका

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वॉशिंगटन : भारत सरकार के जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने का फैसला लेने के बाद से ही बौखलाहट में पाकिस्तान कई फैसले ले रहा है। पाक प्रधाननंत्री इमरान खान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगा दी, साथ ही भारत और पाकिस्तान के बीच 9 में से 3 हवाई मार्ग को बंद कर दिया है। पाकिस्तान की इस कार्रवाई के बाद अमेरिका ने उसे चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसी भी तरह के तनाव को बढ़ावा ना दे और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ को रोके और आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। साथ ही अमेरिका ने भारत को भी हिदायत दी है कि वह जम्मू-कश्मीर में नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे।

लोकतंत्र में पारदर्शिता और राजनीतिक सहभागिता जरूरी

अमेरिकी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी (एफएसी) और सीनेट फॉरेन रिलेशन कमेटी (एसएफआरसी) ने बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी करते हुए एफएसी के चेयरमैन एलियॉट एल इंगेल और एसएफआरसी के रैंकिंग सदस्य बॉब मेन्डेज ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और राजनीतिक प्रतिनिधित्व मुख्य स्तंभ हैं, हमें उम्मीद है कि भारत सरकार जम्मू कश्मीर में इन सिद्धातों का पालन करेगी। साथ ही कहा दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के पास यह मौका है कि वह अपने सभी नागरिकों को समान अधिकार और उन्हें कैसे सुरक्षित रखा जाए इसका उदाहरण पेश करे। इसमें सदन में आजादी, जानकारी हासिल करना, कानून के तहत बराबर की सुरक्षा आदि शामिल हैं।

9 में से 3 हवाई क्षेत्र पाक ने किया बंद

भारत के फैसले के बाद पाकिस्तान ने बौखलाहट में कई कदम उठाए हैं। उसने अपने राजदूत को भारत से वापस बुला लिया है। साथ ही पाक पीएम इमरान खान ने आदेश दिया है कि भारत-पाक के बीच अब व्यापार नहीं होगा। इसके अलाव उसने एकतरफा कार्रवाई के तहत अपने 9 में से 3 हवाई क्षेत्र को भारत के लिए बंद कर दिया है। मालूूम हो कि पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेेना ने एयर स्ट्राइक करते हुए बालाकोट में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया था। भारत की इस कार्रवाई के बाद भी उसने भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था।

पाक ने दुनियाभर के नेताओं से बढ़ाये संपर्क

दरअसल, इमरान खान ने बुधवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान से बात की थी। साथ ही दोनों नेताओं से अनुच्छेद 370 के खात्में और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने को लेकर बात की थी। मालूम हो कि भारत के ऐतिहासिक कदम के बाद इमरान दुनियाभर के नेताओं से संपर्क बनाए हुए हैं। गत सोमवार को इमरान ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद और तुर्की के राष्ट्रपति रीसेप तायिप एर्दोआन से भी बात की थी। मालूम हो कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भी वह इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहा है।

गौरतलब है कि 5 अगस्त को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 हटाते हुए जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। जम्मू-कश्मीर में 20 जिले और विधानसभा होगी। लद्दाख में 2 जिले होंगे लेकिन वहां विधानसभा नहीं होगी।

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