कुलभूषण जाधव मामला : पाक नहीं माना तो संयुक्त राष्ट्र उठाएगा कदम

Kulbhushan Jadhav case, Pakistan, United Nations, ICJ

नई दिल्ली : अंतरराष्‍ट्रीय अदालत ने बुधवार को पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव से जुड़े मामले में अपना फैसला सुनाते हुए उनकी फांसी पर रोक लगा दी है। वहीं पाकिस्तान की ओर से कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिससे इस मामले को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में जाने की संभावना जताई जा रही है। मालूम हो कि जाधव मामले में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने 15-1 के बहुमत से कहा कि पाकिस्तान की सैन्य अदालत में उन्हें दोषी ठहराने और उन्हें दी गई सजा पर दोबारा विचार करने की आवश्यकता है। मालूम हो कि अगर पाकिस्तान अदालत के फैसले को नहीं मानता है तो यूएन की सुरक्षा परिषद को अपना कदम बढ़ा कर वोटिंग करानी होगी। और अगर ऐसी ही ‌‌स्‍थिति बनी तो केवल संयुक्त राष्ट्र ‌ही पाकिस्तान से फैसला मनवा सकता है।

फैसला मानने को मजबूर होगा पाक

इस मामले में पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है। अब सवाल यह उठता है कि अंतरराष्‍ट्रीय अदालत के फैसले को मानने के लिए किसी देश को मजबूर किया जा सकता है या नहीं? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुलभूषण जाधव के केस में पाकिस्तान इस फैसले को मानने के लिए मजबूर होगा। इसका प्रमुख कारण यह है कि भारत की अपील वियना संधि पर आधारित है। इस संधि पर भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही हस्ताक्षर किए थे। बता दें कि हर वह देश जो इस संधि पर साइन करेगा उसे अंतरराष्‍ट्रीय अदालत के फैसले पर अमल करना ही होगा।

मौत की सजा की समीक्षा करनी चाहिए

कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान का कहना है कि वह ‘कानून के अनुसार’ आगे बढ़ेगा। आईसीजे ने पाक से कहा है कि भारतीय नागरिक को दी गई फांसी की सजा पर उसे समीक्षा करनी चाहिए। मालूम हो कि पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को ‘जासूसी और आतंकवाद’ के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। वहीं इस मामले में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने जारी बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक ‘जिम्मेदार सदस्य’ के रूप में पाक अदालत में पेश हुआ। साथ ही उसका यह भी कहना है कि अंतरराष्ट्रीय अदालत ने अपने फैसले में भारत की उस अर्जी को स्वीकार नहीं किया है जिसमें कुलभूषण जाधव को बरी या रिहा करने की बात कही गई है।

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने दी यह प्रतिक्रिया

बता दें कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव से जुड़े मामले में उनकी वास्तविक नागरिकता की जानकारी नहीं दी थी। अदालत द्वारा पाकिस्तान के इस तर्क को खारिज करने पर पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा है कि वह कानून के आधार पर इस मामले में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा है‌ कि मैं कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करता हूं।

बता दें कि अमेरिका भी उन देशों में से एक है जिसने अंतरराष्‍ट्रीय अदालत के फैसले को मानने से इनकार ‌कर दिया था। अमेरिकी अदालत ने मैक्सिको के 51 नागरिकों को दोषी मानकर सजा सुनाई थी जिसके बाद मैक्सिको ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अमेरिका ने फैसले को न मानते हुए कहा कि उसके राष्ट्रीय कानूनों को किनारा करने की क्षमता कोई नहीं रखता।

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