कश्मीरःफर्जी दावा मामले में शहला की सुप्रीम कोर्ट में शिकायत,सेना ने तथ्यहीन बताया

sahla rashid

नई दिल्ली : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पूर्व छात्र नेता और पूर्व छात्र संघ की उपाध्यक्ष शेहला रशीद द्वारा कश्मीर के मौजूदा हालातों को लेकर किए गए ट्वीट को सेना ने सोमवार को तथ्यहीन करार दिया है। शेहला ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कहा था कि कश्मीर घाटी में हालात बेहद खराब हैं और सुरक्षाबल,लोगों को परेशान कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने शेहला के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। उन्होंने मांग की है कि शेहला भारत सरकार और भारतीय सेना के खिलाफ गलत खबरें फैला रही हैं, इसलिए उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
कई ट्वीट कर फर्जी दावा किया
रविवार को शहला ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर फर्जी दावा किया कि कश्मीर में हालात चिंताजनक है। जम्मू-कश्मीर पीपल मूवमेंट की नेता शेहला ने कई ट्वीट किए और कहा, ‘सुरक्षा बल रात में लोगों के घरों में प्रवेश कर रहे हैं और लड़कों को उठा रहे हैं तथा घरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं। ये लोग जानबूझकर फर्श पर राशन फैला रहे हैं और चावल के साथ तेल मिला रहे हैं। शोपियां में, 4 लोगों को आर्मी कैंप में बुलाया गया और उनसे पूछताछ की गई (यातना दी गई)। उनके पास एक माइक रखा गया था ताकि पूरा इलाका उनकी चीख सुन सके, और आतंकित हो सके। इससे पूरे इलाके में डर का माहौल पैदा हो गया।’

भारतीय सेना ने ‌दिया जवाब

गौरतलब है कि, उनके ट्वीट के कुछ देर बाद ही भारतीय सेना ने इन आरोपों का जवाब दिया और कहा कि शेहला के द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं, वह पूरी तरह से निराधार हैं। इस तरह से गैरजिम्मेदाराना और गलत खबरें सिर्फ और सिर्फ लोगों को भड़काने के लिए फैलाई जा रही हैं। हालांकि सेना ने बताया कि सोमवार से घाटी में स्कूल खुले हैं और धीरे-धीरे लैंडलाइन की सुविधा भी शुरू की जा रही है। अभी इंटरनेट की 2जी सुविधा शुरू की गई है।

केस दर्ज करने की मांग
वकील आलोक ने शहला के ट्वीट्स को अपनी शिकायत का आधार बनाते हुए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 124 A, 153, 153 A, 504, 505 और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। इसके साथ ही आलोक ने शहला के ऊपर भारतीय सेना पर निराधार आरोप लगाने के कारण देशद्रोह और समुदाय के बीच वैमनस्य फैलाने जैसी धाराओ के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

ट्विटर पर पहले भी कर चुकी हैं ऐसे काम
शहला कश्मीरी हैं और मूल रूप से श्रीनगर की रहनेवाली हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही वह ट्विटर पर सरकार के खिलाफ लगातार सक्रिय हैं। यहीं नहीं शेहला ने जून 2018 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर भी एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और गडकरी पर पीएम मोदी की हत्या की साजिश का आरोप लगाया था। बाद में जब गडकरी ने कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी तो शेहला ने अपना बचाव करते हुए इस ट्वीट को मजाकिया बताया था।

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