हमें घूरिये मत, अपना काम करने दीजिए…

बेंगलूरूः पिछले कुछ दिनों से प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस में चल रहे विवाद को संभालने की कोशिश के तहत कंपनी बोर्ड ने पत्रकारों को बुलाकर एक-एक सवाल पर अपनी सफाई दी। बोर्ड की ओर से इंफोसिस के चेयरमैन आर शेषशायी ने कंपनी सीईओ विशाल सिक्का की उपस्थिति में पुनीता सिन्हा को स्वतंत्र निदेशक बनाने से लेकर पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी राजीव बंसल को नौकरी छोड़ने पर दिए गए करोड़ों रुपये को जायज ठहराने का प्रयास किया। बोर्ड अधिकारियों ने यहां तक कह डाला कि हमें घूरिये मत, अपना काम करने दीजिए… शेयरधारकों ने चुना है और अपना काम करूंगा। माना जा रहा है कि कंपनी संस्थापकों को संकेत है कि वे इस विवाद को यहीं समाप्त कर दें। नारायण मूर्ति समेत 2 अन्य संस्थापकों द्वारा उठाए गए सवालों पर बोर्ड ने ऐसे दी सफाई-

सवाल 1. पुनीता सिन्हा को स्वतंत्र निदेशक क्यों बनाया गया?
जवाब – पुनीता सिन्हा उस पद के पूरी तरह योग्य हैं। किसी महिला की काबिलियत को उसके पति के काम के आधार पर आंकना उचित नहीं है।
सवाल 2. सीईओ विशाल सिक्का का वेतन 50 फीसदी बढ़ाकर 74 करोड़ क्यों किया गया?
जवाब – सिक्का की फिक्स सेलरी 50 लाख से घटाकर 40 लाख डॉलर की गई है। उनके वेतन में वृद्धि प्रदर्शन आधारित भाग बढ़ने से हुई है। यह बढ़ाना जरूरी था, क्योंकि पिछले ढाई साल में उनके नेतृत्व में कंपनी ने अच्छा काम किया है।
सवाल 3. पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी राजीव बंसल को नौकरी छोड़ने के बाद 17.53 करोड़ रुपये क्यों दिए गए?
जवाब – सीएफओ राजीव बंसल ने जब नौकरी छोड़ी तो उस पद से जाने वालों के लिए मुआवजे का कोई तय नियम नहीं था। इसके बाद बोर्ड की बैठक में नए नियम बनाए गए और उसी के तहत उनको इतनी राशि दी गई।
सवाल 4. – क्या राजीव बंसल को कुछ गड़बड़ी छिपाने के लिए यह राशि दी गई? (बंसल ने इजरायल की कंपनी पनाया को 20 करोड़ डॉलर में खरीदने पर सवाल उठाए थे।)
जवाब- राजीव को जो भी राशि दी गई, उसकी बोर्ड से मंजूरी ली गई थी। उस राशि की कानूनी तरीके से जांच की जा रही है। हमारी ऑडिट मजबूत है, कुछ गलत नहीं हुआ है।
सवाल 5. – पूर्व जनरल काउंसिल डेविड कैनेडी को 5.8 करोड़ रुपये का मुआवजा क्यों दिया गया?
जवाब – डेविड को जो पैसा दिया गया, वह उनके साथ कंपनी के करार के तहत ही दिया गया था। जब उन्होंने कंपनी ज्वाइन की थी, तभी करार हुआ था कि यदि वे नौकरी छोड़ते हैं तो उनको कितनी राशि दी जाएगी।
क्या विवाद समाप्त हो गया? माना जा रहा है यह विवाद समाप्त नहीं हुआ है। इसका कारण यह है कि इसमें कई सवालों के जवाब बहुत काम-चलाऊ तरीके से दिए गए हैं। इसकी संभावना कम ही है कि बोर्ड इनसे संतुष्ट होगा।

सिक्का बोले- बोर्ड कहे तो इस्तीफे को तैयार

इंफोसिस के सीईओ विशाल सिक्का ने कहा कि कंपनी की परफॉर्मेंस हमारी जिम्मेदारी है और गवर्नेंस के चलते ही इंफोसिस में शामिल हुआ था। बोर्ड के सभी सदस्यों की कंपनी में अहम भूमिका है और बोर्ड के कहने पर इस्तीफा भी दे सकता हूं। विशाल सिक्का ने भरोसा दिलाया कि हम आगे भी बेहतर गवर्नेंस बनाए रखेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि उनके नारायण मूर्ति के साथ रिश्ते काफी अच्छे हैं। सिक्का यह भी कह चुके हैं कि मीडिया के कारण यह विवाद हुआ है।

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