सपा में आर-पार की लड़ाई

अखिलेश ने की मुलायम से बगावत, जारी की 235 उम्मीदवारों की समानान्तर सूची

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) गुरुवार को दो फाड़ होने के करीब पहुंच गयी, जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पिता सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी किये जाने के बाद अपनी तरफ से 235 उम्मीदवारों की एक समानान्तर सूची जारी कर दी।

हालांकि मुख्यमंत्री की ओर से प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी, लेकिन सोशल मीडिया पर यह पूरी सूची मौजूद है। इस सूची में उन सभी मंत्रियों के नाम शामिल हैं, जिनके नाम बुधवार को घोषित सूची में टिकट काटे गये थे। सूची में ज्यादातर नाम अखिलेश के प्रतिद्वंद्वी और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के करीबी लोगों के थे। देर रात जारी सूची में अखिलेश के करीबी मंत्री अरविन्द सिंह गोप को एक बार फिर बाराबंकी की रामनगर सीट से, राज्य मंत्री पवन पाण्डेय को दोबारा अयोध्या से और कैबिनेट मंत्री रामगोविन्द चौधरी को बलिया की बांसडीह सीट से टिकट दिया गया है। इस बात के संकेत हैं कि ये प्रत्याशी अलग चिह्नों पर चुनाव लड़ेंगे।

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को 325 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किये थे। उनका कहना था कि यह सूची बहुत सोच-समझकर बनायी गयी है और अब इसमें कोई फेरबदल नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह उन मंत्रियों और विधायकों को दोबारा टिकट देने के लिए मुलायम से बात करेंगे, जिन्होंने अच्छा काम किया है और चुनाव जीतने की स्थिति में है। बहरहाल, टिकट कटने से परेशान मंत्रियों और विधायकों ने अखिलेश से मुलाकात की थी।अखिलेश यादव की सूची जारी कर देने के बाद सपा के टूटने के कयास लगने लगे हैं, हालांकि कई राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि अखिलेश यादव की यह दबाव की राजनीति भी हो सकती है। शाम करीब आठ बजे के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर अपने चचेरे भाई और बदायूं से सांसद धर्मेन्द्र यादव को बुला लिया था। वहीं पर विधान परिषद सदस्य और सपा के कार्यालय प्रभारी रहे एस आर एस यादव को भी बुलाया गया। तीनों ने मंत्रणा की और सूची जारी हो गयी।

इससे पहले दिन भर चली राजनीतिक गहमा गहमी के बीच अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच करीब दो घंटे बैठक चली लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उसके बाद अखिलेश यादव ने अपने पिता से बगावत कर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी।

अखिलेश की सूची आने के तत्काल बाद सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव नयी परिस्थितियों पर विचार विमर्श के लिए मुलायम सिंह यादव के घर पहुंचे। दोनों भाइयों में करीब 40 मिनट से अधिक विचार विमर्श हुआ। इसके बाद देर रात शिवपाल ने 68 और प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। इस प्रकार सपा ने 403 सदस्यीय विधानसभा में 10 को छोड़कर सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिये हैं। मुलायम ने कहा था कि सूची में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने अखिलेश को मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घेषित करने से भी इनकार कर दिया।

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