कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति हुई गंभीर, अब तक 11 की मौत

Flood situation in Karnataka serious, 11 deaths so far

बेंगलुरु : देशभर के कई राज्यों में बाढ़ का कहर जारी है, अब इसमें कर्नाटक भी शामिल हो गया है। यहां बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं बाढ़ के कारण अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। मालूम हो कि राज्य के 30 में से 15 जिले में बाढ़ की चपेट में हैं और यहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने किया सहायता राशि का ऐलान
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने मौजूदा स्थिति पर अधिकारियों के साथ चर्चा की है। उन्होंने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिले बेलगावी का दौरा किया और वह अगले तीन दिनों के दौरान वह अन्य प्रभावित जिलों की यात्रा भी करेंगे। साथ ही उन्होंने बाढ़ के कारण मरने वाले लोगों के परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान भी किया है।
इस वजह से बाढ़ की स्थिति हुई गंभीर
महाराष्ट्र और कर्नाटक के विभिन्न बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। इसकी वजह से राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं उत्तरी कर्नाटक के कई हिस्सों और पश्चिमी घाट के तहत आने वाले जिलों में लगातार बारिश हो रही है।
बेलगावा जिले के गोकक शहर में बाढ़ का पानी घुस गया है। उत्तर कर्नाटक के नियाग्रा फॉल कहे जाने वाले गोकक जलप्रपात में पानी का स्तर बहुत बढ़ गया है। राज्य के कई जिलों में लोग बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों में सुरक्षित पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
पुल पर बाढ़ का पानी बह रहा है
वहीं राज्य के अथानी तालुक के 21 से अधिक गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में मवेशियों की हालत भी बहुत खराब है। उन्हें खुले स्थानों पर पेड़ से बांध दिया गया है जहां वे बारिश में भींगने के लिए मजबूर हैं। यादगीर, बेगालकोट, बेलागावी, रायचूर, वीजापुर जिलों समेत पूरे उत्तर कनार्टक में बाढ़ की वजह से स्थिति बहुत गंभीर है। मदीकेरी और विराजपेट को जोड़ने वाले एक पुल पर बाढ़ का पानी बह रहा है जिसके कारण दोनों शहरों के बीच यातायात बाधित हो गया है।
बाजार पूरी तरह से बंद
बाढ़ और बारिश के कारण व्यावसायिक प्रतिष्ठानें और बाजार पूरी तरह से बंद हैं और लोगों को अपने-अपने घरों के अंदर ही रहना पड़ रहा है। वहीं चारमाडी घाट सेक्शन में चार स्थानों पर भूस्खलन होने की सूचना है जिसकी वजह से अधिकारियों ने वाहनों की आवाजाही स्थगित कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र के कोयना जलाशय से और पानी के छोड़े जाने की आशंका है जिसकी वजह से उत्तर कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं राज्य के बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेजों को 10 अगस्त तक के लिए बंद कर दिया गया है और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीईटी शुल्क के भुगतान की तिथि भी बढ़ा दी गई है।

बता दें कि राज्य में बाढ़ के हालातों को देखते हुए जिला अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और पुलों को पार न करने की सलाह दी है। वहीं सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों के साथ-साथ कुछ गैर-सरकारी संगठन लोगों को बाढ़ प्रभावित स्थलों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए दिन-रात कड़ी मशक्कत कर रहे हैं।

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