जम्‍मू कश्मीर और लद्दाख से 100 लोगों का प्रतिनिधिमंडल गृहमंत्री शाह से करेगा मुलाकात

amit shah

नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर के सरपंचों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेगा। दरअसल, राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले के बाद पहली बार अमित शाह जम्मू-कश्मीर के लोगों से मिलेंगे। सूत्रों के मुताबिक, 100 लोगों के इस प्रतिनिधिमंडल में जम्मू, पुलवामा, लद्दाख और कश्मीर से जुड़े लोग शामिल हैं। बता दें कि दोपहर 12 बजे करीब जम्मू कश्मीर पंचायत एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्रालय पहुंच गया हैं।

पहले अधिकारियों से होगी मुलाकात

जानकारी के अनुसार, इस प्रतिनिधिमंडल की पहले अधिकारियों से मुलाकात होगी, जिसके बाद यह प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री अमित शाह से मिलेगा। दरअसल, गृहमंत्री शाह ने 1 सितंबर काे दादर नगर हवेली में कहा था कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने के बाद न तो कोई गोली चली है और न ही किसी की जान गई है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में लिए गए फैसले के बाद राज्य में हिंसा और आंदोलनों को रोकने के लिए कई तरह की पाबंदिया लगाई गई थी, जिन्हें अब प्रशासन धीरे-धीरे खत्म कर रहा है और राज्य में स्कूल, अस्पताल और कायार्लयों में सामान्य रुप से कामकाज शुरु हो गया है।

अनुच्छेद 370 को मोदी के अलावा कोई नहीं हटा सकता था

सिलवासा में कई कार्यों के लोकापर्ण के मौके पर गृहमंत्री ने कहा था कि पिछले सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतहासिक फैसला लिया था, जिस कारण आपने उन्हें फिर प्रधानमंत्री के तौर पर चुना है। उन्होंने संसद के पहले ही सत्र में अनुच्छेद 370 और 35ए खत्म कर दिया है। मोदी के अलावा ये काम कोई और नहीं कर सकता था। साथ ही उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 370 और 35ए देश के एकीकरण में बाधा था। बता दें कि अमित शाह के साथ प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बारे में गृह मंत्रालय ने कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन यह समझा जा रहा है कि सरकार के लोगों में विश्वास बढ़ाने के उपायों के तहत यह भेंट हुई है ।

आतंक के ताबूत पर ठोकी है कील

गृहमंत्री शाह ने कहा था कि अनुच्छेद 370 के हटने से जम्मू कश्मीर में विकास के रास्ते खुले हैं, आतंकवाद के ताबूत में अंतिम कील ठोकी है, जम्मू कश्मीर को पूरी तरह से भारत के साथ मिलाने का काम हुआ है। सब लोग इस फैसले पर सरकार के साथ हैं लेकिन कुछ लोग इसका भी विरोध कर रहे है।

गौरतलब है कि श्रीनगर और घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगी हुई है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद गठित दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर से अस्तित्व में आ जायेंगे।

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