जोरदार प्रदर्शन के बाद जेएनयू की होस्टल फीस को बढ़ाने का फैसला लिया गया वापस

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नयी दिल्ली : छात्रों द्वारा बड़ी तादात में विरोध-प्रदर्शन के बाद आखिरकार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के प्रशासन ने छात्रावास की बढ़ी फीस में कटौती की है। 16 दिन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग को देखते हुए प्रशासन ने छात्रावास की बढ़ी हुई फीस को आंशिक रूप से वापस लेने का फैसला किया। यह फैसला बुधवार को विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद् की बैठक में लिया गया। इसके साथ ही मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आए छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए एक योजना प्रस्तावित की गई है। छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर अंतिम क्षणों में इसके आयोजन स्थल को बदल दिया गया और इसे परिसर के बाहर आयोजित किया गया।

एचआरडी के सचिव ने किया ट्वीट

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव आर सुब्रमण्यम ने ट्वीट किया, ‘‘जेएनयू कार्यकारिणी परिषद् छात्रावास शुल्क और अन्य नियमों को बहुत हद तक वापस लेने का फैसला करता है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईब्ल्यूएस) के छात्रों के लिये आर्थिक सहायता की एक योजना भी प्रस्तावित की गयी है। अब वक्त आ गया है‌ कि छात्र अपनी कक्षाओं में लौटें।’’ यह कार्यकारिणी परिषद् जेएनयू की फैसला लेने वाली उच्चतम संस्था है।

जेएनयू प्रशासन और कुलपति के खिलाफ हुई जोरदार नारेबाजी

छात्रावास की फीस में बढ़ोत्तरी के खिलाफ वाम दल समर्थित छात्र संगठनों का विरोध-प्रदर्शन 16 दिन से जारी था। छात्र संगठनों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि छात्रावास नियमावली मसौदा में छात्रावास शुल्क वृद्धि और ड्रेस कोड आदि के प्रावधान हैं, जिसे इंटर-हॉल प्रशासन ने मंजूरी दी थी। इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे इन छात्रों ने बुधवार को प्रशासन इकाई के बाहर जेएनयू प्रशासन और कुलपति के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

14 साल बाद फीस में हुआ बदलाव

सूत्रों के अनुसार, अकेले रहने वाले कमरे का किराया 20 रुपये से बढ़ा कर 600 रुपये प्रति माह कर दिया गया था लेकिन अब वह 200 रुपये होगा। इसी तरह, दो छात्रों के रहने वाले कमरे का किराया 10 रुपये से बढ़ा कर 300 रुपये प्रति माह किया गया था, अब वह 100 रुपये होगा।’’ बता दें कि छात्रावास की फीस में यह बदलाव 14 साल बाद किया गया था। इस बढ़ोत्तरी के बाद मेस की वन टाइम सिक्योरिटी फीस जो कि पहले 5500 रु. थी, वह 12,000 कर दी गई थी। इसके साथ ही विश्ववद्यालय छात्रों पर कुछ पाबंदियां भी लगा दी गयी थीं जिनमें अधिकतम रात 11:30 बजे के बाद छात्रों को हॉस्टल के भीतर रहने तथा डाइनिंग हॉल में उचित कपड़े पहन कर आने के लिए कहा गया था।

दीक्षांत समारोह के दौरान एआईसीटीई के बाहर जारी था प्रदर्शन

गौरतलब है कि सोमवार को जेएनयू के छात्रों ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) के बाहर प्रदर्शन किया था। जोरदार प्रदर्शन के चलते केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ उसके अंदर करीब छह घंटे तक फंस गये जिस वजह से उन्हें मजबूरन दो कार्यक्रम रद्द करने पड़े। छात्रों का उग्र प्रदर्शन देखते हुए दीक्षांत में पहुंचे देश के उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू पहले ही कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए थे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर वाटर कैनन का प्रयोग भी किया था।

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