इबोला सहित यह 9 वायरस बन सकते हैं भारत के लिए बड़ा खतरा

Ebola virus, a major threat to India,

नई दिल्ली : भारत को इबोला जैसी कई वायरल बीमारियों से लड़ने के लिए अब खुद को पूरी तरीके से तैयार करना होगा। मेडिकल क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इन जानलेवा वायरस से बचने के लिए चेतावनी दे दी है। बताते चलें कि इबोला एक खतरनाक बीमारी है जिसमें शरीर में नसों से खून बाहर आता है और यह मरीज के संपर्क में आने से फैलता है। इस बीमारी में शरीर के कई अंग एक साथ काम करना बंद कर देते हैं। इसमें 90 फीसदी रोगियों की मौत हो जाती है। अफ्रीकी देशों में हजारों की जान लेने के बाद अब यह वायरस अन्य देशों में पहुंच चुका है पर भारत अभी तक इससे बचा हुआ है। जानकारी के मुताबिक विदेश यात्रा पर जाने वाले भारतीयों से देश में जानलेवा बीमारियों के आने का खतरा है।

वायरल संक्रमणों की पहचान की

स्वास्थ्य वैज्ञानिकों ने देश में वायरल संक्रमणों की पहचान की है, जो आने वाले समय में भारतीयों के स्वास्थ के लिए खतरा बन सकते हैं। वैज्ञानिकों ने वायरल इन्फेक्शन के 10 शुरुआती मामले पकड़े हैं जिनमें इबोला, एमईआरएस-सीओवी, येलो फीवर और एविआन इन्फ्लूएंजा (एच7एन9) जैसी बीमारियां शामिल हैं। इनके अलावा इन वायरसों में यूसुटु वायरस, टिलापिया नोवेल हेपेटाइटिस, साइक्लोन वायरस, बेना रियो वायरस इन्सेफेलाइटिस और कैनाइन परवो वायरस भी मौजूद है।

भारत को ‌हो सकता है खतरा

वैज्ञानिकों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय यात्राओं से इन बीमारियों के भारत में आने का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव का कहना है कि हमें इमरजेंसी के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने आगे बताया, “करीब 30 हजार भारतीय युगांडा में बसे हुए हैं जहां इबोला वायरस मौजूद है। हमारे कुछ सैनिक डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो भी है जहां आज के समय में लोग इबोला के वायरल ‌होने की समस्या से परेशान हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर भविष्य में हमारे देश में ऐसी बीमारी आती है तो हमारे पास सारी सुविधाएं और विशेषज्ञताऐं हैं जिससे हम इबोला से लड़ सकें।

देश में एच7 एन9 और एच9 एन2 के कुछ मामले आए सामने

मालूम हो कि अभी तक भारत में इबोला वायरस का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। पर एच7 एन9 और एच9 एन2 के कुछ मामले सामने आए हैं। इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईजेएमआर) में प्रकाशित वायरल बीमारियों और नए वायरस के उभरने और दो बार उभरने की समीक्षा पर प्रकाशित लेख में यह बात कही गयी थी। इस लेख के अनुसार इन बीमारियों के प्राकृतिक स्रोत चमगादड़ है और भारत में कई प्रजातियों के चमगादड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। मध्य पूर्व से लोगों की भारी संख्या में यात्रा करने से भी इन वायरस के फैलने की अाशंका है।

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