विश्व का सबसे बड़ा लिफ्ट सिंचाई प्रोजेक्‍ट अब भारत में

हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने जयशंकर भुपलपल्‍ली जिले के मेडीगड्डा में विश्व की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई प्रोजेक्‍ट ‘कालेश्‍वरम’ का उद्घाटन किया। यह पूरी दुनिया की अबतक की सबसे बड़ी मल्‍टी-स्‍टेज लिफ्ट सिंचाई परियोजना है। 80 करोड़ की लागत से बनीं इस परियोजना की मदद से गोदावरी नदी के जल को समुद्रतल से 100 मीटर लिफ्ट कर मेडिगड्डा बांध तक पहुंचाया जाएगा। यहां से पानी को 618 मीटर तक लिफ्ट करते हुए कोंडापोचम्मा सागर पहुंचाए जाने का काम होगा। उद्घाटन के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आंध्र के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी भी मौजूद थे।

राज्य के लिए वरदान

इस परियोजना से करीब 45 लाख एकड़ जमीन पर दो फसलों के लिए सिंचाई में आसानी होगी। साथ ही इसी की मदद से ‘मिशन भागीरथ’ के जरिये 40 टीएमसी पानी मिलेगा, जो पेयजल की आपूर्ति करेगा। सरकार ने इसको राज्य के लिए वरदान के समान बताया है। सरकार ने जानकारी दी की इस प्रोजेक्‍ट का इस्तेमाल हाईडेल पावर जनरेशन के लिए भी किया जाएगा। इतना ही नहीं एक करोड़ जैसी बड़ी आबादी वाले शहर हैदराबाद को पीने का पानी मिलने में सहूलियत होगी। साथ ही राज्य में चल रहे उद्योगों के लिए भी 16 टीएमसी तक पानी उपलब्‍ध होगा।

रीति रिवाज के साथ हुआ उद्घाटन

परियोजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री राव और उनकी पत्नी ने पूरे रीति रिवाज के साथ किया गया, जिसमें पड़ितों द्वारा पूजा-अर्चना भी की गई। ‘कालेश्‍वरम’ के साथ ही इसी प्रोजेक्ट में कन्नेपल्ली में महाराष्ट्र से निकलने वाली गोदावरी नदी पर पम्प हाउस का भी उद्घाटन हुआ। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह प्रोजेक्ट तेलंगाना की सूरत बदलने वाला है। उन्होंने इसके बारे में कहा कि, यह महाराष्ट्र के लोगों की तरफ से तेलंगाना की जनता के लिए उपहार है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और तेलंगाना के साथ मिलकर काम करने से ये प्रोजेक्ट रिकार्ड समय में पूरा हो गया।

विश्व के सबसे बड़े टनल का हुआ निर्माण

जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत विश्व के सबसे बड़े टनल का निर्माण किया गया है जो हर दिन 2 टीएमसी पानी लिफ्ट कर सकता है। बताया जा रहा है कि अगले साल तक इसकी क्षमता को बढ़ाकर 3 टीएमसी तक कर दिया जाएगा। सरकार ने बताया ‌‌कि ये विश्व का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमें 139 एमडब्‍ल्‍यू अधिकतम क्षमता वाले 7 पंपों का इस्तेमाल किया गया है। देश में ऐसा भी पहली बार होगा जब गोदावरी नदी के पानी को कृषि भूमि में सप्लाई के लिए लिफ्ट किया जाएगा।

बता दें कि इस परियोजना के लिए तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकार के बीच 8 मार्च 2016 को समझौता हुआ था। 2 मई को चंद्रशेखर राव ने इसकी आधारशिला रखी थी।

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