गुजरात के लिए वरदान साबित हुआ ‘वायु’

गांधीनगर : पिछले दिनों अरब सागर में उठा भीषण तूफान ‘वायु’ गुजरात के लिए वरदान साबित हुआ है। पानी की किल्लत झेल रहे और मानसून का इंतजार कर रहे इस पश्चिमी राज्य में तूफान का कहर तो नहीं बरपा उल्टे कुछ ही दिनों में हुई अच्छी बारिश ने लोगों के चेहरों पर मुस्कान की लकीर खींच दी है। यहां वार्षिक औसत से पांच प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। मालूम हो कि ‘वायु’ तूफान की आहट के बाद गुजरात में बचाव की व्यापक तैयारियां की गयी थीं। हालांकि तूफान के रास्ता बदल लेने से बड़ा नुकसान होने से बच गया।
किसानों को अब भी है मानसून का इंतजार
वायु के गुजरात को छूकर गुजर जाने से विशेष रूप से सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में बहुत अच्छी बारिश हो गयी है। इसके बावजूद स्थानीय किसानों को मानसून का इंतजार है। गिर सोमनाथ जिले के उना तालुका के एक किसान जयंती वाछाणी ने कहा कि अब तक जितनी वर्षा हुई है वह कृषि का काम शुरू करने के लिए पर्याप्त है। फिर भी अगर मानसून की वर्षा भी जल्द ही शुरू हो जाये तो खेती खासी अच्छी हो सकती है। आम तौर पर जून के तीसरे सप्ताह तक राज्य में मानसून आता है।
मौसम विभाग ने जारी किए आंकड़े
मौसम विभाग की ओर से बुधवार सुबह जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गुजरात में अब तक 5.14 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। सबसे अधिक सौराष्ट्र में लगभग 10 प्रतिशत (9.86) वर्षा हुई है। वहीं उत्तर गुजरात में 8 प्रतिशत, कच्छ में 2.27 प्रतिशत, पूर्व मध्य गुजरात में 2.39 प्रतिशत और दक्षिण गुजरात जहां मात्रा के लिहाज से अधिक वर्षा होती है, वहां सिर्फ 1.94 प्रतिशत वर्षा हुई है। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 24 घंटे में राज्य के सभी 33 जिलों के 209 तालुका में वर्षा हुई है और इसमें सर्वाधिक 113 मिलीमीटर उत्तर गुजरात के महेसाणा जिले के वीजापुर तालुका में दर्ज की गयी है।

बता दें कि एक अति गंभीर चक्रवाती तूफान ‘वायु’ 13 जून को गुजरात के तट के निकट तक पहुंच गया था। इससे होने वाले संभावित खतरे को देखते ‌हुए सरकार को तटीय इलाकों से लगभग तीन लाख लोगों को स्थानांतरित करना पड़ा था। साथ ही सेना के तीनो अंगों समेत अन्य एजेंसियों को संभावित राहत और बचाव कार्य के लिए तैनात किया गया था। हालांकि यह तट के पास से दिशा बदल कर ओमान की ओर मुड़ गया।

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Jagdip Dhankhar

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