फिल्म ‘जंगल क्राय’ में रियल हीरोज को किया गया कास्ट

abhay deol

मुंबई : लंबे समय से बड़े पर्दे से ओझल रहने वाले अभय देओल जल्द ही रग्बी खेल पर आधारित फिल्म ‘जंगल क्राय’ से वापसी करने वाले हैं। इस फिल्म का निर्देशन सागर बेल्लारी कर रहे हैं, जिसमें उनके साथ एमली शाह नजर आएंगी। यह फिल्म अपने आखिरी दौर में है।आपको बता दें कि इस फिल्म में उन्ही खिलाड़ियों को लिया गया है जो असल जिंदगी में भी इसी खेल से जुड़े हुए है।फिल्म जानकारों कि माने तो इसका पोस्टर और ट्रेलर देखकर उड़ीसा सरकार ने इसे टैक्स फ्री करने का वादा किया है। साथ ही ब्रिटिश पार्लियामेंट में फिल्म के निर्माता-निर्देशक को भी सम्मानित किया गया है। फिल्म में अभय देओल असल कोच रुद्राक्ष जीना और एमली शाह फिजियोथेरेपिस्ट के रोल में हैं। डॉ. सामंता का किरदार अतुल कुमार निभा रहे हैं।

ऐसी है फिल्म की कहानी

यह फिल्म उड़ीसा के समाज सुधारक डॉ. अच्युता सामंता की जीवन पर आधारित सच्ची घटना है। फिल्म की कहानी इस प्रकार है कि सामंता जब 4 साल के थे, तब उनके पिताजी चल बसे और उनके घर में खाने, पहनने का अभाव हो जाता है। ऐसी ‌स्थिति से गुजरते हुए वह पढ़-लिखकर इंजीनियर बने और आज उनकी संस्था में 30 हजार अनाथ, आदिवासी, जरूरतमंद बच्चे बीना फिस दिए शिक्षा ले रहे हैं। वह खेल के शौकीन बच्चों को भी लाकर ट्रेनिंग देते हैं। इनका किस तरह इंग्लैंड में 4 देशों के साथ रग्बी मैच होता है और वे कैसे इस गेम को जीत जाते हैं, इसी के इर्द-गिर्द कहानी घूमती है।

फिल्म को मिली ये उपलब्धियां
फिल्म का प्रीमियर अक्टूबर में जापान में होने वाले रग्बी वर्ल्ड कप में आयोजित किया जाएगा। बता दें कि उड़ीसा गर्वमेंट ने इसे टैक्स फ्री करने का वादा किया है। इतना ही नहीं यह पहली ऐसी फिल्म है जिसे ब्रिटिश पार्लियामेंट की ओर से सम्मानित किया गया है।

100 बच्चों को किया गया कास्ट

इस फिल्म में रग्बी टीम के प्लेयर्स का रोल उन्हीं ट्राइबल बच्चों ने निभाया है जो उनकी संस्था में पढ़ते हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म के लिए करीब 100 बच्चों को कास्ट किया गया हैं। सूत्रों के मुताबिक इन्हें लेकर जब मेकर्स शूटिंग के लिए इंग्लैंड पहुंचे तो पता चला कि अनाथ होने की वजह से इन बच्चों को वीजा नहीं मिला है। फिर इंग्लैंड के फर्स्ट मिनिस्टर ने पार्लियामेंट में मीटिंग लेकर अप्रूवल दिलाने का वादा किया और उसे पूरा भी किया।

दर्शकों तक पहुंचना ही चाहिए यह कहानी : फिल्म निर्माता

फिल्म निर्माता प्रशांत शाह ने कहा कि ‘यह उन बच्चों की कहानी है, जो मात्र 4 महीने में तैयारी करके रग्बी खेलने इंग्लैंड पहुंचे। उनके पास न तो ढंग के कपड़े थे और न ही जूते, इसके बावजूद उन्होंने वर्ल्ड कप जीता।’ उन्होंने यह भी बताया कि उस दौरान टी-20 का क्रिकेट विश्व कप चल रहा था, जिसके कारण मीडिया में इस खबर की चर्चा नहीं हुई और इन अनाथ बच्चों की सफलता कही दब गई। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि कहानी दर्शकों तक पहुंचना ही चाहिए।’

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