गोविंदा के तकिए के नीचे से निकलते थे मरे सांप, अपनी मौत की भविष्यवाणी करके मर गई थीं मां

मुंबईः बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा ने 1986 में बॉलीवुड डेब्यू किया था। उन्होंने लाइफ में काफी स्ट्रगल किया और फिल्म इंडस्ट्री में बेहतरीन 15 साल गुजारे। एक के बाद एक हिट ने उन्हें जमीन से आसमान पर पहुंचा दिया। फिर अचानक से करियर ढलान पर आ गया। गोविंदा अपनी मां से बेहद प्यार करते थे। उनके गुजरने के बाद वह एकदम टूट गए थे। गोविंदा का एक पुराना इंटरव्यू है, जिसमें उन्होंने मां की भविष्यवाणी और निधन से जुड़ा चौंकाने वाला किस्सा बताया था।
पिता थे सफल ऐक्टर
गोविंदा की वाइफ एक इंटरव्यू में कह चुकी हैं कि जिस तरह से गोविंदा अपने पेरेंट्स को प्यार करते थे, उसे देखकर मेरी इच्छी है कि काश उनके जैसा एक बेटा मेरा भी होता। वहीं गोविंदा ने अपनी मां की मौत पर डिटेल में बात की थी। उन्होंने बताया था, मेरे पिता को 1940 में महबूब खान ने ‘औरत’ में लॉन्च किया था। पापा बहुत सफल थे और उनका कार्टर रोड पर एक बंगला था। उन्होंने एक फिल्म प्रोड्यूस की और तगड़ा लॉस हुआ। हमें अपना बंगला बेचकर विरार में रहना पड़ा। मेरे पिता का नर्वस सिस्टम बिगड़ गया और वह 15 साल तक बीमार रहे। जब मैं मां के गर्भ में था तो वह साध्वी बन गईं। मैं जब पैदा हुआ तो डैडी ने मुझे गोद में नहीं लिया क्योंकि वह मेरे जन्म को अपनी पत्नी को खोकर साध्वी बनने से जोड़कर देखते थे। मैं अच्छा बच्चा था और कुछ दिन बाद डैडी मुझे प्यार करने लगे।

सच होती थीं मां की भविष्यवाणी
अपनी मां के बारे में गोविंदा ने बताया था, मैं अपनी मां का बहुत लाडला था। वह देवी जैसी थीं और मेरी गुरु थीं। मेरे पिता स्वभाव से देवता आदमी थे लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से डिटैच हो गए थे। मैं मां से बहुत अटैच्ड था। वह जो भी भविष्यवाणी करती थीं, वे सच हो जाती थीं। मेरे तकिए के नीचे कई मरे हुए सांप मिलते थे। जब मैं 17 साल का था तो उन्होंने कहा था, जब तुम 21 साल के होगे तो कमाल करोगे। मैं 21 साल का हुआ तो हीरो बन गया और 50 दिन के अंदर 49 फिल्में साइन कीं।
और हो गई कृष्णा अभिषेक की मां की मौत
गोविंदा बताते हैं कि उनकी मां की भविष्यवाणियां सच होती थीं। उन्होंने कहा था कि मेरी बड़ी बहन पद्मा जीजी (कृष्णा अभिषेक की मां) बेटी को जन्म देने के बाद मर जाएंगी। आरती और कैंसर उनके पेट में एक साथ पल रहे थे और वह नहीं रहीं। एक दिन मां ने मुझसे अपनी मौत की भविष्यवाणी भी की। मैं परेशान हो गया। तीन महीने बाद वह चल बसीं, ठीक तब ही जब उन्होंने कहा था।
अपनी मौत की भी की थी भविष्यवाणी
गोविंदा बताते हैं कि उनके गुजरने से पहले वह पैरिस में ‘हीरो नंबर 1’ की शूटिंग कर रहे थे। उन्हें पता था कि अगले दिन मां चल बसेंगी। वह सड़क पर रोने लगे। कुछ विदेशी उनसे पूछने भी आए कि क्या हुआ। उन्होंने जवाब दिया कि उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं है। अगले दिन गोविंदा की मां नहीं रहीं। गोविंदा बताते हैं, मैं इतना रोया था कि मेरे पेट और छाती के 36 टिश्यूज ब्रेक हो गए थे। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाना पड़ा था।

 

 

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