कोलम्बस ने जब चाँद को छोटा किया !

यह प्रसंग विश्व प्रसिद्ध  जलयात्री क्रिस्टोफर कोलम्बस के यात्रा वृतांत से संबंधित है। एक बार अपने कुछ साथियों के साथ एक नाव में यात्रा कर रहे थे। कई दिन समुद्री यात्रा करने के पश्चात उनके पास खाने लायक कुछ नहीं बचा। जब पश्चिमी द्वीप  के तट पर नाव लगी तो वे सब भूख से व्याकुल हो चुके थे। भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकते -भटकते वे उस द्वीप के जंगली आदिवासियों के गिरफ्त में आ गये। उन जंगलियों ने उन्हें पकड़कर अपने सरदार के सम्मुख पेश किया।  सरदार ने कड़ककर पूछा –‘इस द्वीप पर हमारा कब्जा है। यहां तुम लोग क्यों आये  हो ?’
प्रत्युत्तर में अपने साथियों के बचाव में कोलम्बस ने सारा यात्रा वृतांत बताकर भोजन की मांग की।– जंगली सरदार ने उन्हें भोजन देने से साफ इन्कार कर दिया तथा पत्थर द्वारा मारकर खत्म करने का अपने जंगली निवासियों को आज्ञा दी।
यह सुनकर सभी के प्राण सूख गए। एक तो भूख से मरने की परेशानी  थी, दूसरी पत्थरों से मार खाकर मर जाने की दिक्कत थीं। ऐसी विकट परिस्थिति में बुद्धिमान कोलम्बस को एक अनोखी युक्ति सूझी।
उस दिन मार्च की पहली तारीख थी और वह जानता था कि –‘आज चन्द्र ग्रहण होगा।’ बस इसी घटना का लाभ उठाते हुए उसने सरदार को डराते हुए धमकाया —‘यदि तुमने हमें भोजन न दिया और हमें पत्थर से मारा तो मैं अपने जादू से तुमलोगों को आज चांद की राेशनी से वंचित कर दूंगा।’
चूँकि वे जंगली आदिवासी चन्द्रग्रहण से अनजान थे, इसलिए उसके कथन की सत्यता को परखने के लिए उन सभी को रात भर बन्दी बनाकर रख लिया। जैसे ही रात का आगमन हुआ। सरदार अपने निवासियों को उन्हें एक खुली  जगह पर बांध देने को कहा।
रात गहराने पर कोलम्बस ने चांद की ओर देखते हुए एकाएक अपना हाथ उठाया तो धीरे-धीरे ग्रहण लगने के कारण चांद छोटा होने लगा। जिसे देखकर जंगलनिवासी समेत सरदार भी डर गया। वे भयभीत होकर इधर-उधर भागने लगे। सरदार ने भयातुर होकर कोलम्बस के पांव पकड़ लिए और बोला –‘श्रीमान !आप जरूर कोई देवता हैं ! हमें माफ़ कर दीजिए। मुझे आपकी हर शर्त मंजूर है। मैं आप सभी के लिए अच्छे से अच्छे भोजन का इन्तजाम करवाता हूँ, बस आप हमलोगों को चांद की रोशनी से वंचित न करें। ‘
एक निश्चित समय के बाद कोलम्बस ने अपना हाथ गिरा दिया, मानो सरदार की बात रख ली हो, फिर चन्द्रमा अपने पूरे प्रकाश से समूचे वातावरण को दूधिया रोशनी में नहलाने लगा। जिसे देखकर सभी कबीलेवाले ख़ुशी से झूमने लगे।
इस प्रकार कोलम्बस की सूझबूझ और बुद्धिमानी से  उसकी व उसके साथयों के प्राण बच गये।
n अंशुल अग्रवाल

Leave a Comment

अन्य समाचार

जब 21 सिखों ने 10 हजार अफगानों को धूल चटाई, यहां देखें ‘केसरी’ का ट्रेलर

मुंबईः अक्षय कुमार की फिल्म केसरी का ट्रेलर र‍िलीज हो गया है। इस फिल्म में अक्षय कुमार एक योद्धा की भूमिका न‍िभाते नजर आ रहे हैं। अक्षय कुमार के साथ फिल्म में परिणीति चोपड़ा भी हैं। मूवी पीरियड ड्रामा है। [Read more...]

कंगना ने मोदी से की जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने की मांग

मुंबईः पुलवामा आतंकी हमले के कारण पूर देश की जनता में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी है। ऐसे में बॉलिवुड की क्वीन ऐक्ट्रेस कंगना रनौत का गुस्सा भी सामने आया है, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र  मोदी से अपील की है कि [Read more...]

मुख्य समाचार

दीघा के होटल में युवक का फंदे से लटका शव बरामद

दीघा : दीघा स्थित एक होटल में कोलकाता के एक युवक का फंदे से लटकता शव बरामद किया गया। पुलिस का अनुमान है कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मृतक की पहचान शुभंकर बनर्जी (25) के रूप [Read more...]

रघुनाथगंज में अवैध हथियारों के साथ आर्म्स कारोबारी गिरफ्तार

दो वन शटर पिस्टल समेत दो जिंदा कारतूस बरामदमुर्शिदाबादः खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के बाद रघुनाथगंज थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ आर्म्स कारोबारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार कारोबारी का नाम गुलाब शेख(28) है। बुधवार [Read more...]

ऊपर