ये खतरनाक बीमारी कर रही है बार-बार सौरव गांगुली पर हमला, जानिए क्‍या है ‘ट्रिपल वेसल डिजीज’?

कोलकाताः टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली को एक बार फिर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, बीसीसीआई अध्यक्ष को मंगलवार 26 जनवरी की रात से ही सीने में दर्द की शिकायत थी, जो बुधवार की सुबह बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां गांगुली की जांच के लिए 3 डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। इस महीने की शुरुआत में ही गांगुली को पहली बार हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब ये सामने आई थी कि गांगुली के सीने में ‘ट्रिपल वेसल डिजीज’ है। इसके बाद गांगुली की एंजियोप्लास्टी की गई थी।

हृदय में खून पूरी तरह नहीं पहुंच रहा था

पिछली बार जब गांगुली को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो डॉक्टरों ने बताया था कि सौरव ‘ट्रिपल वेसल डिजीज’ से पीड़ित हैं। इस बीमारी के कारण उनके हृदय में खून पूरी तरह नहीं पहुंच रहा था और उन्हें हल्का हार्ट अटैक आया था। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि ये ट्रिपल वेसल डिजीज आखिर क्या बीमारी है, जिसने बंगाल टाइगर को भी ऐसा झटका दिया और एक बार फिर परेशान किया है।
क्यों होता है हार्ट अटैक?

वैसे तो ये जटिल सवाल है, लेकिन आसान शब्दों में इसे इस तरह समझा जा सकता है- इंसानी शरीर में हृदय की भूमिका बेहद अहम होती है, क्योंकि ये पूरे शरीर में खून को समान रूप से भेजता है, जिससे शरीर के बाकी अंग सही से काम करते हैं लेकिन हृदय को भी ऑक्सीजनयुक्त खून की लगातार सप्लाई की जरूरत होती है। दिल में खून की इस सप्लाई का काम कुछ धमनियों यानी आर्टरी का होता है। इन आर्टरी को कोरोनरी आर्टरी कहते हैं लेकिन कई बार खून में फैट या कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से यह जमने लगता है और इसके कारण ये कोरोनरी आर्टरी ब्लॉक हो जाती हैं। इसके चलते दिल में खून की सप्लाई कम हो जाती है या नहीं होती। इसे ‘कोरोनरी आर्टरी डिजीज’ कहते हैं जिसका नतीजा- हार्ट अटैक होता है।
क्या है ट्रिपल वेसल डिजीज?

अब बात करते हैं ट्रिपल वेसल डिजीज की। कोरोनरी आर्टरी डिजीज या सीएडी का ही बेहद खतरनाक रूप है ट्रिपल वेसल डिजीज। नाम में ट्रिपल शब्द से ही साफ है कि इसका लेना-देना ‘तीन’ से है। हृदय में खून पहुंचाने वाली 3 सबसे अहम वेसल (नलियां) में जब सीएडी पाया जाता है, यानी जब ये तीनों नलियां ब्लॉक होने लगती हैं, तो इसे ही ट्रिपल वेसल डिजीज कहते हैं। इसके कारण पीड़ित व्यक्ति को छाती में तकलीफ, सांस लेने में परेशानी, थकान जैसे लक्षण दिखने लगते हैं, जो हार्ट अटैक का कारण बनते हैं।
सौरव के मामले में क्या हुआ था?

2 जनवरी को जब पहली बार सौरव को इस खतरनाक बीमारी के कारण दिल का दौरा पड़ा था, तो उस वक्त वह अपने जिम की ट्रेडमिल पर दौड़ रहे थे। इस दौरान उन्हें छाती में तकलीफ हुई थी और फिर उन्हें तुरंत वुडलैंड्स अस्पताल ले जाया गया था, तब यहां 5 डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की थी। इस टीम ने ही गांगुली के हृदय की एंजियोप्लास्टी कर एक वेसल से ब्लॉकेज हटाया और उसमें स्टेंट लगाया था।

हालांकि, गांगुली के सीने में अभी भी 2 ब्लॉकेज हैं, जिन्हें हटाने के लिए मेडिकल प्रक्रिया पर फैसला नहीं हुआ था। तब गांगुली को इस आधार पर 5 दिनों के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था, कि रोजाना उनकी जांच होगी।
फिलहाल क्या है स्थित?

जानकारी के मुताबिक, फिलहाल अपोलो अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया है। अस्पताल ने डॉ आफताब खान, डॉ सप्तर्षि बसु और डॉ सरोज मंडल के नेतृत्व में 3 सदस्य मेडिकल बोर्ड बनाया है, जो लगातार गांगुली की जांच कर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली है।

 

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