अमेरिका और भारत रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार में बनेंगे साझेदार

नई दिल्ली : भारत और अमेरिका विमान रखरखाव के अलावा छोटे मानवरहित विमान और हल्के एवं छोटे आयुध बनाने की प्रौद्योगिकी संबंधी परियोजना के लिए दोनों देशों के दूसरे का सहयोग करेंगे. यह बात अमेरिका ने एक बयान में कहा है. हाल ही में दोनों देशों के रक्षा अधिकारियों ने रक्षा प्रौद्योगिकी एवं व्यापार पहल पर (DTTI) वार्ता की थी.

भारत-अमेरिका डीटीटीआई बैठक में दोनों देशों ने उद्योग धंधे और अगली पीढ़ी की तकनीक विकसित करने के लिए मिलकर काम करने के लिए कहा. ‘एक्वीजीशन एंड सस्टेनमेंट’ के लिए अमेरिका की सहायक रक्षा मंत्री एलेन लॉर्ड ने कहा कि हम जिस एक परियोजना पर विचार कर रहे हैं, वह छोटे मानवरहित विमान संबंधित है. लार्ड ने रक्षा उत्पादन सचिव अजय कुमार के साथ बैठक की. ड्रोन को लेकर वार्ता अमेरिकी वायुसेना अनुसंधान प्रयोगशाला और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के बीच हो रही है. दोनों पक्ष योजना संबंधी दस्तावेज अप्रैल में तैयार करेंगे.

उम्मीद है कि इस साल सितंबर दस्तावेज पर हस्ताक्षर हो जाए. लार्ड ने कहा कि हम चाहते हैं कि अमेरिकी और भारतीय तकनीक को साथ लेकर उन्हें युद्ध में लड़ने की क्षमता के तौर पर विकसित किया जाए, जिसका प्रयोग दोनों देश कर सकें. इससे दोनों देशों को लाभ होगा. इस पर अगली बैठक सितंबर में भारत में होगी.

शेयर करें

मुख्य समाचार

raut

सावरकर के विरोधियों को भेज दो अंडमान जेल, तभी होगा बलिदान का एहसासः राउत

मुंबई : वीर सावरकर को लेकर सियासी गलियारों में बयानबाजी का दौर थमता नहीं दिख रहा। इसी कड़ी में शिवसेना के प्रवक्ता और सांसद संजय आगे पढ़ें »

usmania

माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में उस्मानिया विश्वविद्यालय का प्राध्यापक गिरफ्तार

हैदराबाद : उस्मानिया विश्वविद्यालय के एक प्राध्यापक को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि प्राध्यापक के माओवादियों से संबंध है। पुलिस आगे पढ़ें »

ऊपर