तकनीक के कारण पहले से ज्यादा आसान हुई है ट्रेंडिंग

नई दिल्ली : कुछ समय पहले तक ट्रेडिंग आसान नहीं था, पारदर्शिता नहीं थी और कंफर्मेशन उसी दिन नहीं मिलता था। हालाँकि आज के तकनिकी दौर में ग्राहक मोबाइल स्क्रीन पर स्टॉक प्राइज, मार्केट डेप्थ देख सकते हैं ताकि सोच-समझकर निर्णय ले सके और वास्तविक समय में कंफर्मेशन भी उन्हें उपलब्ध है। संक्षेप में पूंजी बाजार में नवीनतम तकनीकी प्रगति ने व्यापक स्तर क्रांति पैदा की है।

पहले के समय में डीमैट खाता खुलवाना भी उतना श्रमसाध्य और थका देने वाला था, जितना एक दशक पहले बैंक खाता खुलवाना था। अब, पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है, जिससे प्रमुख फुल-ब्रोकरेज प्लेटफार्म कुछ ही मिनट्स में ऑन-बोर्डिंग प्रक्रिया पूरी करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग के कारण आज कम जानकर लोग भी स्टॉक्स की समझ रखने लगे हैं। इसने मध्यस्थता की लागत घटा दी है और लिक्विडिटी तक पहुंच का लोकतांत्रिकरण किया है।

एंजिल ब्रोकिंग लिमिटेड के चीफ इंफर्मेशन ऑफिसर रोहित अम्बोस्ता का कहना है कि इस क्षेत्र में विघटनकारी मॉडल और तकनीकी नवाचारों की बात करें तो यहां शुरुआत होती है। हम नए साल 2020 की शुरुआत कर रहे हैं और ऐसे में स्टॉक ब्रोकिंग कुछ अभूतपूर्व मॉडल्स के साथ रोमांचक और आकर्षक बनने को तैयार है। यहां कुछ प्रगतियों की बात की गई हैं जो ब्रोकरेज के क्षेत्र में प्रतिमानों को बदल देंगी।

डेटा एनालिटिक्स
यदि ट्रेडिंग से परिचित हैं, तो आप जानते होंगे कि स्टॉक की किस कीमत पर प्रवेश करना है और किस कीमत पर एक्जिट, यह निर्धारित करना कितना मुश्किल है। हालांकि, यदि आपने निवेश या ट्रेड के समय सभी प्रासंगिक डायनामिक्स पर ध्यान दिया है लेकिन एक पर भी गलती हुई है तो नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह गेम-चैंजिंग फेक्टर किसी कंपनी के बोर्ड में लिए गए किसी फैसले से लेकर किसी खाड़ी देश के मिलिट्री लीडर हत्या तक, कुछ भी हो सकता है। खैर, अब और नहीं। डेटा एनालिटिक्स की बदौलत अब आने वाले डेटा की गति और मात्रा के आधार पर प्राइज एक्शन निर्धारित करना आसान हो गया है। कोई ब्रोकरेज फर्म डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करते हुए बाजार के ट्रेंड्स का जितना बेहतर विश्लेषण करती है, उतना ही निवेशकों को फायदा होता है।

इन्वेस्टमेंट एडवायजर्स के तौर पर अल्गोरिदम
मशीन को कभी थकान नहीं होती और तो और वह गलतियां भी नहीं करती। एआई-पावर्ड स्मार्ट असिस्टेंट हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रबंधित करने में मदद कर रहा है और इस विकास का असर बीएफएसआई सेग्मेंट पर भी हुआ है। 2018 में 37% वित्तीय संस्थानों ने एआई, एमएल और डेटा एनालिटिक्स में निवेश किया। और उनमें से 68% जल्द ही उनमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं। यह दावा कोहरंट मार्केट इनसाइट्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। ब्रोकरेज फर्म ग्राहक को अनुकूलित अनुभव प्रदान करने और उद्योग में वृद्धि में तेजी लाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। अभूतपूर्व एल्गोरिदम हमारा स्वागत कर रहे हैं, निवेश की सलाह दे रहे हैं, और अपने पूर्वानुमानों से उच्चतम इंडस्ट्री बेंचमार्क हासिल कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल ने न केवल स्टॉक निवेश को मजेदार बना दिया है, बल्कि उपयोग में आसान भी बनाया है। ग्राहकों को विश्लेषण के लिए घंटों का समय खर्च करने की आवश्यकता नहीं है।

राहत दे रहे हैं चैटबॉट्स
45% उपयोगकर्ताओं ने चैटबॉट्स का विकल्प चुना, क्योंकि वे किसी व्यक्ति से बातचीत नहीं करना चाहते थे, यह दावा कैंटर सीएक्स रिटेल बैंकिंग रिपोर्ट 2019 में किया गया है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले अक्सर सही जानकारी या सलाह लेने के लिए दलाल का पीछा करते थे, लेकिन अब इसकी कोई जरूरत नहीं है। आजकल, चैटबॉट्स ग्राहकों की समस्याओं को हल कर रहे हैं। उन्हें विभिन्न निवेश उत्पादों के बीच चयन करने, सलाह देने या सेल्फ-सर्विस विकल्पों का सुझाव देने में मदद कर रहे हैं। स्टॉक मार्केट में निवेश व्हाट्सएप चैट जितना आसान होगा, आखिर ऐसा किसने सोचा था।

स्पीड की आवश्यकता: हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग का स्वागत
हाई-फ्रीक्वेंसी फाइनेंशियल डेटा और इलेक्टॉनिक टूल्स के जरिये हाई स्पीड और हाई टर्नओवर रेट्स हासिल करना, हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग एक ऐसी विधि है जिसमें बड़ी संख्या में ऑर्डर का लेनदेन कुछ ही सेकंड के भीतर हो जाता है। एचएफटी बाजार की स्थितियों का विश्लेषण करता है और एडवांस अल्गोरिदम के एक ही सेट के आधार पर ऑर्डर पूरे करता है। हेज फंड और इन्वेस्टमेंट बैंक सहित आधुनिक वित्तीय बाजार ऐसे हैं जो एचएफटी का उपयोग कर सकते हैं। कई फुल-सर्विस ब्रोकरेज फर्म भी इस सेग्मेंट में निवेश कर रहे हैं। हम टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं, एचएफटी विधियां इक्विटी बाजारों से आगे बांड, विदेशी मुद्रा और इसी तरह के अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ सकती हैं।

इस वर्ष की शुरुआत में इंडस्ट्री में भागीदारी का स्तर केवल 7% है। नए युग के ब्रोकिंग हाउसों के लिए इस गैप को दूर करने और भारतीय स्टॉक बाजारों को सर्वसुलभ बनाने के लिए शानदार मौका देता है। एक औसत उपयोगकर्ता होशियार और अधिक जानकार होता जा रहा है, जिससे सही मायनों में तकनीकी-नेतृत्व वाला इनोवेशन इस मार्ग को प्रशस्त करने में मदद करेगा। यहां बदलते प्रतिमानों और बदलावों के मद्देनजर बताया गया है कि 2020 में यह क्षेत्र क्या आकार लेगा।

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