चौथा भारत-आसियान एक्सपो समिट नई दिल्ली में 21-23 फरवरी को आयोजित होगा

नई दिल्ली : चौथा भारत-आसियान एक्सपो और समिट 21 से 23 फरवरी, 2019 तक आयोजित होगा। वाणिज्य विभाग के इस कार्यक्रम को फिक्की के सहयोग से आयोजित कर रहा है । एक्ट-ईस्ट नीति के तहत भारत-आसियान संबंधों को और अधिक मजबूत करना तथा इसे आगे बढ़ाना इसका लक्ष्य है। चौथा भारत-आसियान एक्सपो तथा समिट, 2019 के आयोजन से पूर्व आयोजित आसियान- भारत कारोबार एवं निवेश सम्मेलन तथा एक्सपो को सफलता मिलेगी, जिसे आसियान भारत स्मारक शिखर सम्मेलन के अग्रगामी के रूप में 2018 में आयोजित किया गया था।

दणिण-पूर्व एशियाई देशों के परिसंघ (आसियान) में वियतनाम, थाईलैंड, सिंगापुर, फिलीपींस, म्यांमार, मलेशिया, लाओ पीडीआर, इंडोनेशिया, कंबोडिया और ब्रुनेई शामिल हैं। आसियान देशों के साथ भारत का संबंध विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होने के साथ-साथ हमारी एक्ट-ईस्ट नीति का आधार भी है। भारत और आसियान देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों में वृद्धि हुई है। चीन के बाद आसियान भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। जिंसों का कुल द्विपक्षीय व्यापार 81.33 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। नई दिल्ली एक्सपो एवं शिखर सम्मेलन में आसियान देशों के व्यापार मंत्री, आसियान के महासचिव और कारोबार प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। यह शिखर सम्मेलन नीति निर्माताओं, उद्योगजगत की अग्रणी हस्तियों तथा अग्रणी कारोबारियों के लिए एक ऐसा मंच है, जो उन्हें एक साथ लाकर भारत और आसियान के परस्पर विकास और प्रगति की दिशा में एक साझा दृष्टिकोण तैयार करने में मददगार है। इस एक्सपो में भारत और आसियान के 200 से अधिक प्रदर्शकों और आसियान के 100 से अधिक खरीदारों के भाग लेने की संभावना है। इस दौरान कारोबारियों की आपसी बैठकें और कारोबारियों की सरकारों के साथ बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। खरीददारों और विक्रेताओं के बीच बैठक होगी। इससे कारोबारियों और सरकारों के बीच निकट संपर्क कायम होगा।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग और नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु और आसियान देशों के व्यापार मंत्रियों के साथ-साथ आसियान के महासचिव संयुक्त रूप से 21 फरवरी को भारत-आसियान एक्सपो एवं शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। प्रदर्शनी में अवसंरचना, विनिर्माण, अभियंत्रण, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सुविधा, पर्यटन, पर्यावरण, कृषि, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, वित्त एवं बैंकिंग, उपस्कर और खुदरा जैसे क्षेत्रों में भारत और आसियान देशों के बीच परस्पर सहयोग से व्यापार और उद्योगजगत की सर्वश्रेष्ठ पहलों को दर्शाया जाएगा। भारत की ओर से मुख्य वक्ताओं में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सीआर चौधरी और कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे।

इंडोनेशिया गणराज्य के व्यापार मंत्री इंगारसियास्तो लुकिता, म्यामां के वाणिज्य मंत्री डॉ. थान मिंट, कंबोडिया के वाणिज्य मंत्री पान सोरासाक, थाइलैंड की कार्यवाहक वाणिज्य मंत्री चूटीमां बुलियाप्रफासारा, आसियान के महासचिव लिम जोक होई, सिंगापुर व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय के द्वितीय स्थायी सचिव ली चुआन टेक, एमआईटीआई, मलेशिया के महासचिव दातोलोकमान हाकिम बिन अली तथा वियतनाम चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष डोआन डायखुओंग भी हिस्सा लेंगे। चौथे भारत आसियान एक्सपो एवं शिखर सम्मेलन से भारत और आसियान देशों के कारोबारी एक साथ होकर क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं को आपस में जोड़ने की दिशा में संयुक्त रूप से काम करेंगे। इससे परस्पर व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

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