जीवा आयुर्वेद ने आयुर्वेद डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल लांच किया

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आयुर्वेद व्यक्तिगत उपचार पर आधारित विज्ञान है जो विश्व की लक्षण आधारित उपचार की समस्या को दूर करने में पूर्ण सक्षम है। यह बात आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में जीवा आयुनिक प्रोटोकॉल लांच के मौके पर कही।

जीवा आयुर्वेद के डायरेक्टर डॉ. प्रताप चैहान ने कहा कि जीवा आयुनिक प्रोटोकॉल 6 वर्षों तक विस्तृत डाटा-विश्लेषण और 25,000 से अधिक रोगियों पर आजमाने के बाद तैयार किया गया है। बिग डाटा-विश्लेषण व मशीन लर्निंग तकनीक के उपयोग से 5000 वर्ष पुराने आयुर्वेद ज्ञान व लाखों रोगियों के व्यक्तिगत उपचार के रिकॉर्ड के आधार पर जीवा ने आयुर्वेद के डॉक्टर्स के लिए यह उन्नत डिसीजन सर्पोट सिस्टम को तैयार किया है। यह डॉक्टर्स को स्टैंडर्डराइजेशन व डाटा-ड्राईवन तकनीक से रोग के मूल कारण के निदान व व्यक्तिगत चिकित्सा में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा आयुर्वेद व्यक्तिगत उपचार पर आधारित विज्ञान है जो लक्षण आधारित समस्या को दूर करने में पूर्ण सक्षम है।

जीवा ग्रुप के प्रेसीडेंट ऋषिपाल चौहान ने बताया कि जीवा हैल्थ एप व्यक्तिगत जानकारी के आधार पर शास्त्रीय व कारगर आयुर्वेदिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देता है। एप से रोगी जीवा डॉक्टर्स से परामर्श व चिकित्सा सुविधा ले सकते हैं। यह एप गूगल प्ले स्टोर व एपल एप स्टोर पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया पूरे भारत में 16 से अधिक राज्यों में जीवा के 75 से अधिक क्लीनिक हैं।

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