मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल में होगी जेफ बेजॉस की हिस्सेदारी

Jeff Bezos's stake in Mukesh Ambani's Reliance Retail

नई दिल्ली : एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेेश अंबानी ने पिछले साल चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा को नेटवर्थ के मामले में पीछे छोड़ दिया है। गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के चाैथे क्वार्टर के नतीजे आने के बाद कंपनी का नेट प्रॉफिट 9.8 प्रतिशत बढ़कर 10,362 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस रिकॉर्ड बढ़त के बाद ऐसा सुनने में आया है कि रिलायंस रिटेल में 26 प्रतिशत तक के स्टेक ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के प्रमुख जेफ बेजॉस खरीद सकते हैं। यह जानकारी इंडस्ट्री के 2 वरिष्ठ अधिकारियों ने दी है। हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि दोनों कंपनियां इसे लेकर अभी सिर्फ चर्चा कर रही हैं।

रिलायंस के जरिए भारतीय ग्राहकों तक पहुंचने की तैयारी

अधिकारी ने बताया कि अमेजन भारत की सभी बड़ी ब्रिक ऐंड मोर्टार चेन में लंबे समय के लिए हिस्सेदारी बनाना चाहती है और उसका कहना है कि भारत में अभी भी लोग खुद बाजार जा कर खरीदारी करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि रिलायंस में हिस्सेदारी लेने से अमेजन को भारतीय ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।

रिलायंस प्रवक्ता का कहना

इस बात की जानकारी देते हुए रिलायंस के प्रवक्ता ने बताया कि उनकी कंपनी भिन्न-भिन्न मौकों को समय-समय पर आंकती रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने हमेशा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) विनियमन 2015 के तहत अनुपालन में जरूरी प्रकटीकरण किए हैं और आगे भी करते रहेंगे।

कंपनी इस शर्त के साथ करेगी डील

सूत्रों से मिली जानकारी के मुत‌ाबिक अमेजन कंपनी ई-कॉमर्स के लिए फरवरी में लागू हुए विदेशी निवेश (एफडीआई) के नए नियमों के मुताबिक इस डील को करना चाहती है। अमेरिका के सिएटल की यह कंपनी रिलायंस रिटेल में 26 प्रतिशत से कम स्टेक खरीदना चाहती है। ऐसा करने से रिलायंस रिटेल अमेजन के भारतीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सेलर बन सकेगी। एफडीआई के नए नियमों के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाली कंपनियों में प्लेटफॉर्म की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकती है। किसी भी कंपनी को अधिक स्टेक खरीदने पर ग्रुप कंपनी घोषित कर दिया जाएगा। साथ ही वह कंपनी सेलर प्लेटफॉर्म पर सामान नहीं बेच सकेगी।

अमेजन की रिलायंस रिटेल में दिलचस्पी का कारण

सूत्रों की मानें तो अमेजन की रिलायंस रिटेल में दिलचस्पी का कारण रिटेलर की उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन के मार्केट में लीडिंग पोजिशन है। रिलायंस रिटेल के ग्रॉसरी स्टोर के विशाल नेटवर्क से अमेजन को फूड एंड ग्रॉसरी के अपनी योजना बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

कंपनी पर 2.88 लाख करोड़ रुपये का कर्ज

अधिकारियों ने बताया रिलायंस इंडस्ट्रीज अपना कर्ज घटाने के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय रिटेलर या स्ट्रैटिजी इन्वेस्टर से डील करना चाहती है। जून तिमाही के अंत तक कंपनी पर 2.88 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। रिलायंस रिटेल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की सब्सिडियरी है। एक अधिकारी ने बताया कि ‘रिलायंस भी (डील में) दिलचस्पी दिखा रही है, बशर्ते वैल्यूएशन मैच कर जाए। दोनों कंपनियों का मानना है कि होड़ करने से बेहतर है तालमेल बनाना।’ वहीं एक अन्य अधिकारी ने बताया कि दोनों कंपनियों में ऐसी कोई चर्चा नहीं हो रही है।

Visited 75 times, 1 visit(s) today
शेयर करें

मुख्य समाचार

IND vs PAK T20 World Cup: भारत-पाकिस्तान मैच के टिकट का दाम सुनकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली: न्यूयॉर्क में होने वाले ICC टी-20 विश्वकप में भारत और पाकिस्तान की टीमें भिड़ेंगी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) अमेरिका में क्रिकेट को बढ़ावा आगे पढ़ें »

IPL 2024: KKR के खिलाड़ियों को गौतम गंभीर ने दे डाली नसीहत, बोले…

कोलकाता: 22 मार्च से IPL शुरू होने जा रहा है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर की घर वापसी हुई। पिछले सीजन तक लखनऊ सुपर जायंट्स आगे पढ़ें »

ऊपर
error: Content is protected !!