वर्ष 2017-18 में 23,029.36 करोड़ रुपये हस्तशिल्प निर्यात, 13.26% की सालाना वृद्धि

ग्रेटर नोएडा : 47वें आईएचजीएफ दिल्ली मेला स्प्रिंग के दौरान प्रतिभागी कंपनियों का मनोबल बढ़ाने आज मेले में माननीय केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टमटा पहुंचे. मेले में माननीय कपड़ा राज्यमंत्री का स्वागत मेला अध्यक्ष राजेश कुमार जैन ने किया. जैन ने माननीय राज्यमंत्री को उनके साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान जीएसटी और देश से हस्तशिल्प के निर्यात में रूकावटें डाल रहीं अन्य बाधाओं को लेकर हस्तशिल्प समुदाय का समर्थन करने के लिए उनका धन्यवाद किया.

टमटा ने देश पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलवामा के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर टमटा ने कहा कि ईपीसीएच विभिन्न क्षेत्रों की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आईएचजीएफ- दिल्ली मेला जैसा मंच प्रदान कर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है. विभिन्न शिल्प समूहों में बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम उद्यम, उत्तम और गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पाद बनाने में जुटे हैं और इस मेले ने अंतरराष्ट्रीय खरीद समुदाय के सामने देश के निर्यातकों को अपनी रचनात्मकता और शिल्प कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक विश्वस्तरीय मार्केटिंग प्लेटफॉर्म प्रदान करने में हमेशा से सकारात्मक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. यह मेला निर्यात के जरिए विदेशी मुद्रा कमाने में भी अग्रणी (नेतृत्व करता) रहा है, जो 1986-87 में महज 387 करोड़ रुपये था और 2017-18 में 23,029.36 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है और मुझे यह जानकर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि 2018-19 के 10 महीनों के दौरान 13.26% की सकारात्मक वृद्धि के साथ हस्तशिल्प निर्यात 21,460.56 रुपये का हो चुका है. मुझे उम्मीद है कि यदि यह ट्रेंड बरकरार रहा तो 2018-19 के नतीजे सकारात्मक रहेंगे. टमटा ने कहा कि इस मेले में प्रदर्शित, विभिन्न क्राफ्ट क्लस्टर्स में कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा निर्मित उत्पादों को देखने के बाद वो कह सकते हैं कि भारतीय हस्तशिल्प अन्य देशों के हस्तशिल्प उत्पादों से कहीं कम नहीं है. उन्होंने कहा कि मुझे एंबिएंते में पिछले साल जाने का मौका मिला था और वहां भी जो भारतीय शिल्प प्रदर्शित किए गये थे वो अन्य देशों के उत्पादों के बराबर थे और तकनीक और डिजाइन के क्षेत्र में विकास के साथ-साथ हमारे हस्तशिल्प उत्पाद दिन-ब-दिन और बेहतर होते जा रहे हैं.

माननीय कपड़ा राज्य मंत्री ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के अलावा हस्तशिल्प निर्यात के अन्य क्षेत्रों का पता लगाने के प्रयासों की भी सराहना की. आईएचजीएफ मेले में अपने दौरे के दौरान टमटा ने मुरादाबाद में ईपीसीएच द्वारा स्थापित सेंटर फॉर हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्ट मैनेजमेंट स्टडीज (सीएचईएमएस) से हस्तशिल्प निर्यात प्रबंधन का अध्ययन किये पहले बैच के छात्रों को सर्टिफिकेट भी वितरित किए और कहा कि यह समय का तकाजा है कि क्योंकि यह युवा पीढ़ी को हस्तशिल्प के क्षेत्र में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता है. माननीय मंत्री ने इस पहल के लिए ईपीसीएच की सराहना की और उम्मीद जताई की इससे भविष्य में हस्तशिल्प के क्षेत्र में कई और लोग शामिल होंगे जिससे इस क्षेत्र की निर्यात में वृद्धि होती रहेगी जिसके लिए हस्तशिल्प क्षेत्र जाना जाता है.

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