अधर में बिग बाजार का फ्यूचर, रिलायंस ने कहा- अब सौदा संभव नहीं

नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि फ्यूचर समूह के साथ हुए उसके 24,713 करोड़ रुपए के सौदे को सुरक्षित कर्जदाताओं की बैठक में मंजूरी नहीं मिलने के बाद क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शेयर बाजारों को भेजी गई सूचना में कहा कि फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) और फ्यूचर समूह की अन्य कंपनियों ने इस सौदे की मंजूरी के लिए हुई बैठकों के नतीजों से अवगत कराया है। इसके मुताबिक, सौदे को शेयरधारकों एवं असुरक्षित कर्जदाताओं ने बहुमत से स्वीकार कर लिया है लेकिन सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्ताव को नकार दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा कि एफआरएल के सुरक्षित ऋणदाताओं ने प्रस्तावित योजना के खिलाफ मतदान किया है। ऐसी स्थिति में इस योजना को आगे क्रियान्वित नहीं किया जा सकता है। फ्यूचर समूह ने अगस्त 2020 में रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) के साथ 24,713 करोड़ रुपये के विलय समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक एवं भंडारण खंडों में सक्रिय फ्यूचर समूह की 19 कंपनियों का रिलायंस रिटेल अधिग्रहण करने वाली थी।

इस विलय समझौते की घोषणा के बाद से ही दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन इसका विरोध कर रही थी। विभिन्न अदालती मुकदमों में अमेजन ने यह कहते हुए इस सौदे का विरोध किया कि उसके साथ हुए फ्यूचर समूह के निवेश समझौते का यह करार उल्लंघन करता है।

विवाद गहराने पर इस सौदे पर शेयरधारकों एवं ऋणदाताओं की मंजूरी लेने के लिए फ्यूचर समूह की संबंधित कंपनियों ने हफ्ते की शुरुआत में अलग-अलग बैठकें बुलाई थीं। फ्यूचर समूह ने शुक्रवार को ही बताया था कि शेयरधारकों एवं असुरक्षित ऋणदाताओं ने इस सौदे को स्वीकृति दे दी है लेकिन सुरक्षित कर्जदाताओं ने इसे नामंजूर कर दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसी घटनाक्रम के परिप्रेक्ष्य में सौदे को निरस्त कर दिया है।

 

शेयर करें

मुख्य समाचार

राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन, ऐसे करें आवेदन

" हमारा सपना हर छात्र माने हिंदी को अपना" हर साल की तरह इस साल भी हम लेकर आये हैं राम अवतार गुप्त प्रोत्साहन। इस बार आगे पढ़ें »

कोलकाताः लैब से अस्पताल में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में लग गये 14 साल

सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : एक लैब से अस्पताल तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में सप्ताह, महीना साल नहीं बल्कि 14 साल लग गये। मामला चितपुर थाना स्थित आगे पढ़ें »

ऊपर