कोरोना से संबंधित सही जानकारी के लिए सरकार ने हैप्टिक से संचालित चैटबॉट लॉन्च किया

नई दिल्ली : भारत सरकार ने कोरोनोवायरस प्रकोप से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करने के लिए व्हाट्सएप पर एक चैटबॉट लॉन्च किया है। इस चैटबॉट को जियो हैप्टिक टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने विकसित और कार्यान्वित किया है, यह कन्वर्सेशनल एआई प्लेटफार्म है जो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की सहायक कंपनी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनियाभर में 200,000 से अधिक केस सामने आने के बाद नोवल कोरोनोवायरस (2019-एनकोव या कोविड-19) को महामारी घोषित किया है। स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के अलावा इस तरह के प्रकोप के संबंध में झूठी और भ्रामक जानकारी का प्रसार भी बढ़ जाता है, जो बड़े पैमाने पर हिस्टीरिया का कारण बन सकता है। ऐसी स्थिति में वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए बड़ी आबादी को जागरुक करते हुए उन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने यह आधिकारिक व्हाट्सएप चैटबॉट हेल्पडेस्क शुरू किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सत्यापित आंकड़ों से लैस चैटबॉट नोवल कोरोनवायरस से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) का जवाब देने के लिए पूरी तरह से लैस है। इसमें आवश्यक एहतियाती उपाय, लक्षण, सही और गलत तथ्य, हेल्पलाइन नंबर, क्षेत्र में प्रभावित केस, सरकारी एडवायजरी (यात्रा सहित), सूचनात्मक वीडियो आदि शामिल हैं। यह ध्यान देना आवश्यक है कि यह किसी भी मामले में वायरस को रोकने में मदद नहीं करता और किसी भी तरह का लक्षण दिखने पर संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क किया जाना चाहिए।

हैप्टिक के साथ भारत सरकार ने ‘मायगव कोरोना हेल्पडेस्क’ शुरू कर इस तरह की गलत जानकारी पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है। भारत में व्हाट्सएप यूजर-बेस 400 मिलियन से अधिक होने के साथ, यह वायरस के आसपास स्वच्छता से जुड़े बुनियादी तौर-तरीकों को प्रसारित करने का आदर्श माध्यम है। व्हाट्सएप नंबर +91 9013151515 पर संदेश भेजकर चैटबॉट तक पहुंच सकता है। स्वच्छता से जुड़े बुनियादी तौर-तरीकों का पालन कर देश भर में इस महामारी के प्रसार को रोकने के दौरान एक बटन के स्पर्श पर सही जानकारी प्राप्त होना भी आवश्यक है। भारतभर में उपभोक्ताओं के लिए स्वदेशी और वैश्विक तकनीक लाने के लिए रिलायंस की डिजिटल पहल का एक हिस्सा है हैप्टिक। हैप्टिक के सीईओ और सह-संस्थापक आकृत वैश्य ने कहा कि हम स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और गलत सूचनाओं के प्रसार से निपटने के लिए एक माध्यम के तौर पर कोरोनवायरस चैटबॉट का विचार आया। ‘मायगव कोरोना हेल्पडेस्क’ अफवाहों से लड़ने, जनता को शिक्षित करने और मौजूदा अराजक स्थिति को शांत करने की भावना से तैयार की गई है। यह चैटबॉट भारत सरकार को देशभर में सही जानकारी प्रसारित करने में मदद कर सकती है।

कंपनी ने ‘कोरोनावायरस हेल्पडेस्क’ नाम से व्हाट्सएप चैटबॉट लॉन्च करने की पहल की थी, जो 10 फरवरी को लाइव हो गई थी। भारत सरकार ने फिर कंपनी में एक कस्टमाइज्ड वर्जन का निर्माण किया, जिसमें भारत सरकार का आधिकारिक डेटा और संचार शामिल किया गया, जिसका लक्ष्य इसे बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने का था।

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