कोरोना वायरस के कारण इक्विटी बाजारों के मार्केट सेंटिमेंट में 5% की गिरावट

नई दिल्ली : मामलों के तेजी से बढ़ने से कोरोनावायरस विश्व स्तर पर कहर बरपा रहा है। आज तक इस महामारी ने 7,00,000 से अधिक लोगों को प्रभावित किया है और मौतों का आंकड़ा 30,000 का आंकड़ा पार कर गया है। दुनियाभर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के बीच शेयर बाजारों पर भी इसका दबाव दिख रहा है। एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के हेड एडवाइजरी अमरदेव सिंह का कहना है कि निवेशकों की मंदी की भावना, कमजोर आउटपुट और असंगत वित्तीय उपायों जैसे कई कारकों की वजह से बाजार नीचे जा रहे हैं। आज निफ्टी-50 4.48% नीचे रहा जबकि सेंसेक्स 4.61% तक गिर गया।

वैश्विक संकेतों के बाद बाजार नीचे खुले
वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों के चलते सेंसेक्स ने आज 530 अंक की गिरावट के साथ और निफ्टी ने 8,400 अंक से नीचे सप्ताह की शुरुआत की। शुरुआती घंटों के दौरान निफ्टी ने निचले स्तर से ऊपर उठने की कोशिश की, हालांकि, 8,600 अंक के आसपास दबाव बढ़ने से पुलबैक जल्द ही फीका पड़ गया। इसके बाद यह दबाव में रहा। दूसरी ओर, सेंसेक्स ने बड़े पैमाने पर कारोबार किया और क्लोजिंग बेल के समय लगभग 840 अंक नीचे रहा।

बढ़ते कोरोनावायरस के मामलों ने निवेशकों को गिरफ्त में लिया
पिछले हफ्ते हमने कुछ दिनों तक आर्थिक प्रोत्साहन की उम्मीद और नियंत्रण उपायों से प्रेरित पुलबैक मार्केट देखा था। हालांकि, कोरोनोवायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि जारी है और इसमें बहुत राहत दिखाई नहीं दी है। उन्होंने अब बाजार को पूरी तरह से जकड़ लिया है। यह अब अन्य विकास घटनाक्रमों पर भी अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। घरेलू बाजार में भी अल्पावधि में व्यापक अस्थिरता के साथ ट्रेड जारी है। वीआईएक्स इंडिया अस्थिरता का एक प्रमुख मार्कर है जो आमतौर पर 20 अंक से नीचे ट्रेड करता है, बढ़कर 71.5 अंक हो गया है।

बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का चलन
आज के सत्र में बीएफएसआई कंपनियां सबसे कमजोर नामों के तौर पर उभरी। एनएसई में बजाज फाइनेंस 11.81%, एचडीएफसी 11.13%, एचडीएफसी बैंक 8.05%, आईसीआईसीआई बैंक 7.78% और कोटक बैंक 7.53% तक गिरे। कुल मिलाकर निफ्टी बैंक में 6% का करेक्शन आया। ऑटो सेक्टर पहले से ही काफी समय से दबाव में है और उसे भी बड़ा झटका लगा है। बीएसई में एमएंडएम 7.46%, मारुति सुजुकी 6.56% तक गिर गया और हीरो मोटोकॉर्प 6.53% की गिरावट के साथ बंद हुआ।

आक्रामक होने से बचें
सिंह ने कहा कि वर्तमान में बाजार अनिश्चित है और कोविड का सही प्रभाव किसी को नहीं पता है। नियंत्रण उपायों ने वायरस के प्रसार को धीमा किया है, लेकिन तब भी मामलों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। कोविड-19 अब मोटे तौर पर बाजार चलाने वाला एकमात्र वेक्टर है। ऐसे अस्थिर समय में यह सलाह दी जाती है कि आक्रामक ट्रेड्स से बचा जाए और उचित जोखिम प्रबंधन व एक्जिट रणनीति बना ली जाए।

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