पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आई गिरावट

नई दिल्ली : कोरोना के कारण हुए नेशनल लॉकडाउन ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था की हालत खराब कर दी है। कोरोना के कारण अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें 20 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई हैं, पिछले 18 वर्षों में अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतें इतनी नीचे आई हैं। वहीं भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार 14 दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस महीने ईंधन की दरें 2 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा सस्ती हो गई हैं।

आईओसी, एचपीसीएल व बीपीसीएल ने कहा है कि 21 दिनों की लॉकडाउन के दौरान देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है। अमेरिका में कोरोना के मामले काफी बढ़ चुके हैं और ऐसे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कोरोना का प्रसार रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि नवंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों से पहले कई तेल उत्पादक इस बिजनेस से बाहर हो सकते हैं। वहीँ कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत को फायदा है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों के बाद भारतीय रिफाइनर्स ने भी अपने उत्पादन को धीमा कर दिया है और पश्चिम एशियाई उत्पादकों से कच्चे तेल की खरीद पर ज्यादा फोकस करने की घोषणा की है।

भारत में लॉकडाउन के कारण परिवहन ईंधन की मांग में कमी आई है, लेकिन देश में घरेलू रसोई गैस की मांग में वृद्धि हो गई है। आपको बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदार और चौथा सबसे बड़ा एलएनजी आयातक है।

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