कैटरपिलर ने अगली पीढ़ी के 20 टन के एक्सकेवेटर कैट लांच किए

Fallback Image

खनन और विनिर्माण क्षेत्र की मशीनों के प्रमुख निर्माता कैटरपिलर ने 20 टन आकार वर्ग में अगली पीढ़ी के एक्सकेवेटर कैट 320 डी 3 और कैट 323 डी 3 लांच किए। कैटरपिलर इंडिया के ग्लोबल कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन के निदेशक (बिक्री और विपणन) गुरमन रेन ने कहा कि इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (आईसीईएमए) के मुताबिक निर्माण उपकरण उद्योग की क्षमता साल 2020 तक पांच अरब डॉलर तक पहुंच जाएगी, जिसमें ऑफ-हाईवे रिसर्च के मुताबिक एक्सकेवेटर की बिक्री 20 फीसदी की दर से बढ़ रही है।

गुरमन ने कहा कि अपने ग्राहकों के लिए अत्याधुनिक तकनीक, अधिक उत्पादकता, ईंधन की कम खपत और कम रख-रखाव लागत को ध्यान में रखते हुए अधिक शक्तिशाली हैवी-ड्यूटी एक्सकेवेटर की मांग को पूरा करने के लिए हमने इन दो अगली पीढ़ी के 20 टन आकार के वर्ग में कैट 320 डी 3 और कैट 323 डी 3 एक्सकेवेटर लांच किया है, जिनका निर्माण कंपनी तमिलनाडु में तिरुवल्लूर विनिर्माण संयंत्र में कर रही है।

उन्होंने कहा कि नया 320 डी 3 कम कीमत और कम परिचालन लागत के लिए सड़क बनाने वाले ठेकेदार और कंस्ट्रक्शन ग्राहकों की मांग के मुताबिक है। 320 डी 3 अपने पूर्ववर्ती 320 डी 2 की तुलना में 15 फीसदी कम ईंधन की खपत करता है और बहुत ही कम कीमत और परिचालन लागत के साथ इसकी रख-रखाव लागत भी पांच फीसदी कम है। नया 323 डी 3 साइट 1.2 एम3 हेवी ड्यूटी बकेट के साथ बनाया गया है। कंपनी के देश में दो डीलर है, जीएमएमसीओ और गेनवेल कमोसेल्स प्राइवेट लिमिटेड (जीसीपीएल, पूर्व में टीआईपीएल), जिनके 230 से ज्यादा आउटलेट हैं और 1350 से अधिक फील्ड सर्विस तकनीशियन है। देश में कुल 19 कैटरपिलर पार्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर हैं।

कैटरपिलर एशिया पीटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (बिक्री और विपणन, एशिया पैसिफिक, ग्लोबल कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर) जॉन फैलोज ने कहा कि हम भारत में बुनियादी ढांचे के विकास की गति के बारे में बहुत आशावादी हैं और हम अपने ग्राहकों की मांगों को पूरा करने के लिए अपनी सबसे बेहतर तकनीकों और अनुभवों का निवेश करना जारी रखेंगे।

शेयर करें

मुख्य समाचार

टोक्‍यों ओलंपिक में खिलाड़ियों का पूरा समर्थन करेगा देश : कोविंद

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि 24 जुलाई से नौ अगस्त तक आयोजित 2020 टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व आगे पढ़ें »

बुकर पुरस्कार विजेता जोखा अल हार्सी पहुंचीं जयपुर साहित्य महोत्सव में, लेखन चुनौतियों का जिक्र किया

जयपुरः ओमान की लेखिका एवं बुकर पुरस्कार विजेता जोखा अल हार्सी के लिए लेखन का सबसे दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण पहलू समाज में मौजूद अनसुनी और आगे पढ़ें »

ऊपर