अक्षय तृतीया: प्री-कोविड स्तर के केवल 10 फीसदी तक पहुंची ऑफलाइन बिक्री

नई दिल्लीः देश में कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप जारी है। इसकी वजह से रत्न और आभूषण उद्योग को लगातार दूसरे साल अक्षय तृतीया के अवसर पर ब्रिकी में गिरावट का सामना करना पड़ा। कोविड से पहले 2019 के मुकाबले इस साल अक्षय तृतीया के मौके पर बिक्री सिर्फ 10 फीसदी ही रही। राज्यों द्वारा लगाए गए स्थानीय लॉकडाउन की वजह से ग्राहकों की सीमित आवक थी। कोविड के पहले प्रति वर्ष अक्षय तृतीया के दिन उद्योग 25 से 30 टन का कारोबार करता था। इस साल इसमें भारी गिरावट रही। लॉकडाउन के चलते ऑफलाइन बिक्री बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इस नुकसान को कम करने के लिए कल्याण ज्वैलर्स जैसे कुछ कारोबारियों ने सोने की ऑनलाइन बुकिंग की। इसे बाद में ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा।
महामारी की दूसरी लहर में भारी नुकसान
इस संदर्भ में अखिल भारतीय रत्न और आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के अध्यक्ष आशीष पेठे ने कहा कि, ‘देशभर में पिछले साल की तुलना में महामारी की दूसरी लहर में भारी नुकसान हो रहा है। इससे कुल मिलाकर ग्राहकों में नकारात्मक भावनाएं पैदा हुईं। लगभग 90 फीसदी राज्यों में लॉकडाउन लगाए गए हैं, जहां खुदरा आभूषण स्टोर बंद हैं और किसी भी तरह की बिक्री की इजाजत नहीं है।’ पेठे ने पहले कहा था कि इस साल अक्षय तृतीया पर तीन से चार टन कारोबार की उम्मीद है। इससे पिछले साल यह आंकड़ा दो से 2.5 टन और 2019 में 25 से 30 टन था।

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