स्वास्‍थ्य पर भारत का खर्च बांग्लादेश से भी कम

प्रियंका तिवारी
नई दिल्लीः भारत स्वास्‍थ्य सेवाओं पर अपने पड़ोसी देशों चीन, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी कम खर्च करता है। पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी निदेशक पूनम का कहना है कि स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन के लिए बजट बढ़ाना चाहिए। 2015-16 और 2016-17 में स्वास्थ्य बजट में 13 प्रतिशत की वद्धि हुई थी, लेकिन मंत्रालय से जारी बजट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हिस्से में गिरावट आई और यह मात्र 48 प्रितशत रहा। परिवार नियोजन में 2013-14 और 2016-17 में स्वास्थ्य मंत्रालय के कुल बजट का 2 प्रतिशत रहा। पीएफआई का कहना है कि 2017 तक स्वास्थ्य पर जीडीपी का कम से कम 2.5 प्रतिशत खर्च हो।
निजी अस्पतालों को न दें सब्सिडी ः अमर्त्य सेन
जाने-माने अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन का कहना है कि सरकार की उदासीनता का फायदा निजी चिकित्सा संस्थान उठा रहे हैं। नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों से भी हम पीछे हैं, यह शर्म की बात है। राष्ट्रीय सुरक्षा बीमा योजना जैसी योजनाओं के जरिए निजी अस्पतालों को सब्सिडी देने पर भी रोक लगनी चाहिए। पूर्व स्वास्थ्य सचिव पीके होता का कहना है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
बजट 25 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद  
सूत्रों के अनुसार आम बजट में स्वास्थ सेवाओं का ध्यान रखा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य बीमा योजना, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की जांच योजना, गांवों और शहरों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पर सरकार जोर देगी। स्वास्थ्य बजट 25 फीसदी तक बढ़ाया जा सकता है। लाइफ स्टाइल रोगों पर बजट में विशेष ध्यान रहेगा। महिला स्वास्थ्य पर विशेष प्रावधान होगा। देश में निर्मित चिकित्सा उपकरणों पर लगने वाले करों में सरकार रियायत और आयातित उपकरणों पर कर में छूट दे सकती है।

ब्रिक्स देशों में भारत काफी पीछे
आंकड़ों के मुताबिक भारत स्वास्थ्य सेवाओं में जीडीपी का महज 1.3 प्रतिशत खर्च करता है, जबकि ब्राजील स्वास्थ्य सेवा पर लगभग 8.3 प्रतिशत, रूस 7.1 प्रतिशत और दक्षिण अफ्रीका लगभग 8.8 प्रतिशत खर्च करता है। दक्षेस देशों में, अफगानिस्तान 8.2 प्रतिशत, मालदीव 13.7 प्रतिशत और नेपाल 5.8 प्रतिशत खर्च करता है।

मुख्य समाचार

फिर हाथ फंसा, मगर इस बार बच गई मेट्रो यात्री की जान

कोलकाताः पार्क स्ट्रीट मेट्रो हादसे की याद एक बार फिर से ताजा हो उठी। हालांकि इस बार मेट्रो यात्री की जान बच गई। आरपीएफ कर्मियों आगे पढ़ें »

गोघाट में पीटकर की गयी तृणमूल समर्थक की हत्या

हुगली : तृणमूल के शहीद दिवस की रैली में जाने की सजा लालचंद को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। लालचंद बाग (40) तृणमूल समर्थक बताया आगे पढ़ें »

खट्टी – मिठी यादों के साथ जा रहा हूं बंगाल से – राज्यपाल

‘कल हम नहीं होंगे,यह स्वर नहीं होंगे, छोड़ जायेंगे हम अपनी यादें...’ सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी का मंगलवार 23 जुलाई को कार्यकाल आगे पढ़ें »

मीडिया कर्मियों को दीदी ने दी सौगात

कोलकाता : कोलकाता प्रेस क्लब के 75वें साल के मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडिया कर्मियों के लिए कुछ घोषणाएं की। आगे पढ़ें »

Jodhpur, Baby of Mimi, Newborn's Daughter, symbolic image

जोधपुर : देश में पहली बार हुआ 4 दिन की नवजात का देहदान

जोधपुर : देश में ऐसा पहली बार हुआ है जब 4 दिन की नवजात बच्ची की मौत हाेने पर उसका देहदान किया गया। जोधपुर शहर आगे पढ़ें »

अरे! यह क्या? फोन ने बचा ली 20 लोगों की जान

नई दिल्ली: क्या स्मार्टफोन लोगों की जान बचा सकता है? हाल ही में फिलीपींस में एक घटना घटी जिसने जाको राखे साइयां मार सके न आगे पढ़ें »

Crop destroyed due to Fire

बादल फटने और आग से हुए नुकसान पर भी मुआवजा देगी सरकार

नई दिल्ली : किसानों ‌के लगातार गिरते आर्थिक हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराने की नई आगे पढ़ें »

kumarswami government collapses

आखिरकार कुमारस्वामी के ‘नमस्ते’! गिर गई कर्नाटक सरकार

बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा में आखिरकार वही हुआ जो कई दिनों से पूरे देश को पता था। 78 विधायकों वाली कांग्रेस ने 37 विधायकों वाली आगे पढ़ें »

Scotland, Barra Island Airport, landing on the beach,

दुनिया का इकलौता एयरपोर्ट जहां रनवे नहीं, बीच पर उतरते हैं विमान

लंदन : आज के समय में विज्ञान ने तकनीकी तौर पर इतनी तरक्की कर ली है कि ‌कोई भी कार्य असंभव नहीं रह गया है। आगे पढ़ें »

Kalyugi mother throws two-month sick neon from fourth floor, death

कलयुगी मां ने 2 माह के बीमार नवजात को चौथी मंजिल से फेंका, मौत

लखनऊ : मां की ममता के बारे में सदियों से किस्से और कहानियां सुनने को मिलती रही हैं लेकिन अब इसके ठीक पलट कई घटनाएं आगे पढ़ें »

ऊपर